ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर, पंचायत सचिवों को दिए गए दिशा-निर्देश

जनपद पंचायत बोड़ला में आयोजित समीक्षा बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। पंचायत सचिवों को कचरा पृथक्करण, वैज्ञानिक निपटान, जनजागरूकता अभियान और स्वच्छता गतिविधियों को समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश दिए गए।

Jun 19, 2026 - 18:13
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ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर, पंचायत सचिवों को दिए गए दिशा-निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l कबीरधाम जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जनपद पंचायत बोड़ला में ग्राम पंचायत सचिवों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देशन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल के मार्गदर्शन में किया गया। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के जिला समन्वयक संजय सोनी ने सचिवों को नियमों के तहत निर्धारित कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को व्यवस्थित ढंग से लागू करने पर विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि घरों, दुकानों, संस्थानों और अन्य स्रोतों से निकलने वाले कचरे का चार श्रेणियों में पृथक्करण सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने और लोगों को कचरा अलग-अलग एकत्रित करने की आदत विकसित करने पर बल दिया गया।

स्वच्छाग्रहियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें गांव-गांव जाकर लोगों को स्वच्छता, कचरा पृथक्करण और अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि स्वच्छाग्रहियों को समय पर प्रोत्साहन राशि उपलब्ध हो, ताकि वे अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।

बैठक में कचरा संग्रहण के लिए उपयोग किए जाने वाले रिक्शों और अन्य संसाधनों की मरम्मत एवं रखरखाव पर भी चर्चा हुई। पंचायत सचिवों को निर्देशित किया गया कि गांवों के दुकानदारों, हाट-बाजारों और घरों से यूजर चार्ज का नियमित संग्रहण सुनिश्चित किया जाए, जिससे स्वच्छता गतिविधियों के संचालन में आर्थिक संसाधनों की उपलब्धता बनी रहे।

जनजागरूकता बढ़ाने के लिए नारा लेखन, दीवार लेखन और अन्य प्रचार माध्यमों का उपयोग करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता संबंधी संदेशों को व्यापक स्तर पर प्रसारित कर लोगों को स्वच्छ गांव और स्वस्थ वातावरण के महत्व से अवगत कराया जाए। सचिवों को सप्ताह में कम से कम दो दिन नियमित कचरा संग्रहण अभियान चलाने की जानकारी भी दी गई।

बैठक के दौरान होटल, ढाबा, गुड़ फैक्ट्री और अधिक मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वाले अन्य संस्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए गए। ऐसे संस्थानों को बल्क वेस्ट जेनरेटर्स के रूप में चिन्हित कर उनके अपशिष्ट के वैज्ञानिक उपचार और सुरक्षित निपटान की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

इसके अलावा ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की बैठकों और ग्राम सभाओं में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का वाचन कराने तथा ग्रामीणों की सहभागिता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता संबंधी प्रयास तभी सफल होंगे जब समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी।

बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में डंपिंग स्थलों के चिन्हांकन और ठोस कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए कार्ययोजना तैयार करने पर भी चर्चा की गई। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की टीम द्वारा गांवों और वार्ड स्तर पर लगातार जनजागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। जिले में स्वच्छ एवं स्वस्थ ग्रामीण वातावरण के निर्माण के लिए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।