नगरी सिविल अस्पताल में सिकल सेल एवं टाइप-1 डायबिटीज स्क्रीनिंग शिविर, 124 बच्चों की हुई जांच

धमतरी जिले के नगरी सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में सिकल सेल रोग एवं टाइप-1 डायबिटीज स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 124 बच्चों की जांच की गई, जिनमें 28 नए सिकल सेल के मामले सामने आए। सभी बच्चों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया गया।

Jun 13, 2026 - 11:23
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नगरी सिविल अस्पताल में सिकल सेल एवं टाइप-1 डायबिटीज स्क्रीनिंग शिविर, 124 बच्चों की हुई जांच

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l धमतरी जिले के नगरी स्थित सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए सिकल सेल रोग (एससीडी) एवं टाइप-1 डायबिटीज स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया। इस विशेष स्वास्थ्य एवं समाज शिविर का उद्देश्य बच्चों में गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा और परामर्श उपलब्ध कराना था।

शिविर में क्षेत्र के बच्चों और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बच्चों का परीक्षण कर सिकल सेल रोग और टाइप-1 डायबिटीज से संबंधित जांच की गई। शिविर के दौरान कुल 124 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें 28 बच्चे सिकल सेल से प्रभावित पाए गए। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार ये सभी नए मामले हैं, जिनकी पहचान पहली बार इस जांच अभियान के दौरान हुई है।

जांच में पॉजिटिव पाए गए बच्चों में 13 बच्चे एसएस श्रेणी तथा 15 बच्चे एएस श्रेणी में शामिल हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि सिकल सेल रोग की समय पर पहचान होने से इसके प्रभावों को नियंत्रित करने और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। इसी उद्देश्य से इस तरह के स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जा सके।

शिविर में पॉजिटिव पाए गए सभी बच्चों को चिकित्सकों द्वारा आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श दिया गया। साथ ही उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार उपचार और आगे की चिकित्सा प्रक्रिया के संबंध में जानकारी भी उपलब्ध कराई गई। अभिभावकों को भी बीमारी के लक्षणों, सावधानियों और नियमित जांच के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के दौरान यूनिसेफ के प्रतिनिधि डॉ. प्रीतम रॉय ने शिविर का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य जांच प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने बच्चों में गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक पहचान के लिए ऐसे शिविरों को महत्वपूर्ण बताते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों की सराहना की।

इस पूरे कार्यक्रम का संचालन खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.एन. सोम और खंड कार्यक्रम प्रबंधक हितेंद्र कुमार साहू के मार्गदर्शन में किया गया। दोनों अधिकारियों ने शिविर के सफल आयोजन के लिए आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया, जिससे जांच प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सकी।

शिविर की सफलता में चिरायु टीम के सदस्यों, नगर पंचायत नगरी की मितानिनों और वार्ड पार्षद चैलेश साहू का विशेष योगदान रहा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य कर्मियों और स्वयंसेवकों के सामूहिक प्रयास से बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल को सफल बनाया गया।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि बच्चों में विभिन्न बीमारियों की समय पर पहचान कर उन्हें बेहतर उपचार और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। यह पहल क्षेत्र में बाल स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।