अब सेवा-सेतु केंद्रों से मिलेंगी 442 डिजिटल सेवाएं, लोक सेवा केंद्रों का हुआ उन्नयन

छत्तीसगढ़ शासन ने लोक सेवा केंद्रों का उन्नयन कर उन्हें सेवा-सेतु केंद्र नाम दिया है। अब इन केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को 73 की जगह 442 डिजिटल और शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नई व्यवस्था का उद्देश्य सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।

Jun 19, 2026 - 18:17
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अब सेवा-सेतु केंद्रों से मिलेंगी 442 डिजिटल सेवाएं, लोक सेवा केंद्रों का हुआ उन्नयन

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l छत्तीसगढ़ शासन ने नागरिकों को अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य में संचालित लोक सेवा केंद्रों का उन्नयन कर उन्हें अब "सेवा-सेतु केंद्र" नाम दिया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत नागरिकों को पहले की तुलना में कहीं अधिक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

पूर्व में लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से 73 प्रकार की सेवाएं प्रदान की जाती थीं, लेकिन अब सेवा-सेतु केंद्रों के जरिए 442 विभिन्न शासकीय और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को सरकारी सेवाओं के लिए बार-बार अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। शासन का उद्देश्य है कि अधिकतम सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराकर आम जनता का समय, श्रम और संसाधन बचाया जा सके।

नई व्यवस्था के लागू होने के बाद शासन की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं तक लोगों की पहुंच और अधिक आसान होगी। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को इसका बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। सेवा-सेतु केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न प्रमाण पत्रों, पंजीयन और अन्य प्रशासनिक सेवाओं के लिए सरल प्रक्रिया उपलब्ध कराई जाएगी।

राज्य शासन ने सेवा-सेतु केंद्रों की एक समान पहचान सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी केंद्रों में एकरूपता के साथ बोर्ड और नाम पट्टिकाएं प्रदर्शित की जाएंगी ताकि नागरिक आसानी से इन केंद्रों की पहचान कर सकें। इसके अलावा पोर्टल, रसीद और आधिकारिक पत्राचार में भी अब "लोक सेवा केंद्र" की जगह "सेवा-सेतु केंद्र" नाम का उपयोग किया जाएगा।

नई व्यवस्था के तहत सेवा-सेतु पोर्टल संचालित करने वाले अधिकृत सेवा प्रदाताओं को "सेवा-सेतु प्रबंधक" के रूप में जाना जाएगा। इन केंद्रों पर नागरिकों के आवेदन प्राप्त करने और सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित बनाया गया है।

सेवा-सेतु केंद्रों के माध्यम से आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन, भवन अनुज्ञा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित सेवाएं, साफ-सफाई व्यवस्था से जुड़े आवेदन, स्ट्रीट लाइट सुधार, नाम परिवर्तन हेतु राजपत्र अधिसूचना सहित अनेक महत्वपूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

नागरिक चाहें तो स्वयं भी ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए सेवा-सेतु पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है। पोर्टल पर पंजीयन कर नागरिक विभिन्न सेवाओं के लिए घर बैठे आवेदन कर सकते हैं और अपनी आवेदन प्रक्रिया की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।

सेवा-सेतु केंद्रों की स्थापना का मुख्य उद्देश्य शासन और नागरिकों के बीच की दूरी को कम करना तथा सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता को बढ़ाना है। इससे सरकारी कार्यों में डिजिटल तकनीक का उपयोग बढ़ेगा और लोगों को त्वरित सेवाएं प्राप्त होंगी।

राज्य शासन की यह पहल डिजिटल प्रशासन को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। नई व्यवस्था से शासन की सेवाएं अधिक प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंच सकेंगी और सुशासन के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।