हेपेटाइटिस से बचाव के लिए सिम्स का जागरूकता और वैक्सीनेशन अभियान तेज

छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) द्वारा हेपेटाइटिस बी और सी जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए व्यापक जागरूकता एवं वैक्सीनेशन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मियों, नर्सिंग स्टाफ और विद्यार्थियों को संक्रमण, बचाव और टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

May 9, 2026 - 12:33
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हेपेटाइटिस से बचाव के लिए सिम्स का जागरूकता और वैक्सीनेशन अभियान तेज

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l हेपेटाइटिस बी और सी जैसी गंभीर एवं जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) द्वारा व्यापक जागरूकता और वैक्सीनेशन अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों, नर्सिंग स्टाफ, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को संक्रमण के खतरों और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना है। संस्थान द्वारा नियमित रूप से स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम, परामर्श और टीकाकरण गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार हेपेटाइटिस एक संक्रमणजनित बीमारी है, जो मुख्य रूप से लीवर यानी यकृत को प्रभावित करती है। हेपेटाइटिस बी और सी वायरस संक्रमित रक्त, असुरक्षित इंजेक्शन, संक्रमित सुई, असुरक्षित रक्त चढ़ाने और संक्रमित उपकरणों के उपयोग से फैल सकता है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक द्रवों के संपर्क में आने से भी संक्रमण का खतरा बना रहता है। स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारी लगातार मरीजों के संपर्क में रहते हैं, इसलिए उनमें इस बीमारी का जोखिम अधिक होता है।

चिकित्सकों ने बताया कि हेपेटाइटिस संक्रमण के शुरुआती लक्षण सामान्य कमजोरी, थकान, भूख कम लगना, उल्टी, पेट दर्द, बुखार और आंखों या त्वचा का पीला पड़ना हो सकते हैं। कई बार यह बीमारी लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर को नुकसान पहुंचाती रहती है। समय पर जांच और उपचार नहीं होने पर यह लीवर सिरोसिस और लीवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।

सिम्स प्रबंधन द्वारा संक्रमण से बचाव के लिए “0-1-6” वैक्सीनेशन शेड्यूल के तहत टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस प्रक्रिया में पहली डोज के बाद दूसरी डोज एक माह में और तीसरी डोज छह माह के भीतर लगाई जाती है। संस्थान के अनुसार अब तक 1189 वैक्सीन डोज लगाए जा चुके हैं और आने वाले समय में भी अभियान को लगातार जारी रखा जाएगा। अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक कर्मचारियों और विद्यार्थियों को सुरक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।

सिम्स में वैक्सीनेशन पूरा करने वाले कर्मचारियों और विद्यार्थियों को प्रतीक चिन्ह स्वरूप बैच देकर सम्मानित भी किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अन्य लोगों को भी टीकाकरण के लिए प्रेरित करना और स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश देना है। संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि जागरूकता और समय पर टीकाकरण के जरिए इस बीमारी से काफी हद तक बचाव संभव है।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए जागरूकता सबसे प्रभावी हथियार है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित चिकित्सा पद्धतियों का पालन, समय पर टीकाकरण और स्वच्छता के प्रति सतर्कता अपनाकर संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों और विद्यार्थियों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील भी की।

सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल मरीजों का उपचार करना नहीं, बल्कि समाज को रोगों की रोकथाम के प्रति भी जागरूक बनाना है। उन्होंने सुरक्षित इंजेक्शन, डिस्पोजेबल सिरिंज और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों के उपयोग को संक्रमण रोकने के लिए बेहद जरूरी बताया।