तुलसी पंचायत में शासकीय बोरिंग पर निर्माण का आरोप, पेयजल व्यवस्था पर उठे सवाल

तिल्दा-नेवरा के ग्राम पंचायत तुलसी (नेवरा) में सार्वजनिक शासकीय बोरिंग पर कथित निर्माण का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने इसे पेयजल व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है।

Jul 21, 2026 - 15:54
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तुलसी पंचायत में शासकीय बोरिंग पर निर्माण का आरोप, पेयजल व्यवस्था पर उठे सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अशोक मिश्रा, तिल्दा नेवरा l तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत तुलसी (नेवरा) में सार्वजनिक उपयोग के लिए स्थापित शासकीय नलकूप (बोरिंग) पर कथित रूप से निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद स्थानीय वार्डवासियों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जिस नलकूप से वर्षों से पूरे वार्ड को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा था, उसी स्थान पर अब निर्माण कार्य होने से भविष्य में जलापूर्ति प्रभावित हो सकती है।

जानकारी के अनुसार, मामला ग्राम पंचायत तुलसी (नेवरा) के वार्ड क्रमांक-1 का है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शासकीय भूमि पर स्थापित सार्वजनिक बोरिंग को घेरकर निर्माण कार्य किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि यह निर्माण जारी रहता है, तो वार्ड के लोगों को भविष्य में पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण का मामला नहीं है, बल्कि सार्वजनिक सुविधा और जल संरक्षण से जुड़ा गंभीर विषय है। वर्षों से यह नलकूप वार्डवासियों के लिए पेयजल का प्रमुख स्रोत रहा है और बड़ी संख्या में लोग इसका उपयोग करते रहे हैं। ऐसे में यदि इस पर स्थायी निर्माण हो जाता है, तो आम नागरिकों की सुविधा प्रभावित होगी।

मामले को लेकर ग्राम पंचायत और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। वार्डवासियों का कहना है कि निर्माण कार्य खुलेआम चल रहा है, इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से इसे रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

स्थानीय नागरिकों का यह भी सवाल है कि यदि संबंधित भूमि शासकीय है और वहां सार्वजनिक उपयोग का बोरिंग स्थापित है, तो निर्माण कार्य की अनुमति किस आधार पर दी गई। ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी और बारिश के मौसम में भी यह नलकूप वार्ड के लोगों के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत बना रहता है। इसलिए किसी भी प्रकार की बाधा से भविष्य में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि सार्वजनिक संपत्ति और जल स्रोतों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा आवश्यक होने पर निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए।

फिलहाल इस मामले में संबंधित विभाग या ग्राम पंचायत की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य नियमों के अनुरूप किया जा रहा है या नहीं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन शीघ्र हस्तक्षेप कर पूरे मामले की जांच करेगा और सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेगा।