बड़ेडोंगर में श्रम पंजीयन शिविर आयोजित, 107 श्रमिकों का हुआ पंजीयन
बड़ेडोंगर में आयोजित श्रम पंजीयन शिविर में 107 श्रमिकों का पंजीयन और 14 का नवीनीकरण किया गया। शिविर में श्रमिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागाव। बड़ेडोंगर ग्राम पंचायत में श्रमिकों के हित में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत श्रम पंजीयन एवं नवीनीकरण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर कोण्डागांव जिले के फरसगांव विकासखंड अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य निर्माण श्रमिकों और असंगठित कर्मकारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना था।
छत्तीसगढ़ शासन की मंशा और कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना के निर्देशानुसार आयोजित इस शिविर में श्रमिकों की भागीदारी उल्लेखनीय रही। शिविर का संचालन श्रम पदाधिकारी कार्यालय, जिला कोण्डागांव द्वारा किया गया।
शिविर में कुल 107 श्रमिकों का नया पंजीयन किया गया, जबकि 14 श्रमिकों के पंजीयन का नवीनीकरण किया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 1 आवेदन भी प्राप्त हुआ। यह आंकड़े इस बात को दर्शाते हैं कि श्रमिकों में योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और वे इनका लाभ उठाने के लिए आगे आ रहे हैं।
शिविर के दौरान श्रम विभाग के अधिकारियों ने उपस्थित श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इसमें नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना और मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं।
अधिकारियों ने इन योजनाओं के लाभ, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि पंजीयन के बाद श्रमिक इन योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता, शिक्षा संबंधी लाभ और सामाजिक सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
इस प्रकार के शिविरों का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना है, ताकि वे अपने अधिकारों और सुविधाओं का पूरा लाभ उठा सकें। कई बार जानकारी के अभाव में श्रमिक इन योजनाओं से वंचित रह जाते हैं, लेकिन इस तरह के जागरूकता शिविर उनकी मदद करते हैं।
शिविर में आए श्रमिकों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि इससे उन्हें योजनाओं की जानकारी मिली है और वे अब इनका लाभ लेने के लिए पंजीयन करा पा रहे हैं।
अधिकारियों ने श्रमिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में पंजीयन कराएं और अपने आसपास के अन्य श्रमिकों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे शिविरों का आयोजन लगातार किया जाएगा, ताकि हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
कुल मिलाकर, बड़ेडोंगर में आयोजित यह श्रम पंजीयन शिविर श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। इससे न केवल श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा, बल्कि उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा।