सूरजपुर में दिल दहला देने वाली घटना: 4 माह के मासूम की हत्या के आरोप में मां गिरफ्तार

सूरजपुर जिले में 4 माह के बच्चे की मौत के मामले में पुलिस ने जांच के बाद मां को ही आरोपी पाते हुए गिरफ्तार किया है। घटना में बच्चे को जमीन पर पटकने से सिर में गंभीर चोट आई थी, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

Apr 11, 2026 - 18:08
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सूरजपुर में दिल दहला देने वाली घटना: 4 माह के मासूम की हत्या के आरोप में मां गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. विकास श्रीवास्तव, सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसमें 4 माह के मासूम बच्चे की मृत्यु के मामले में पुलिस ने उसकी मां को ही आरोपी पाया है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। चौकी सलका उमेश्वरपुर पुलिस ने मामले की गहन जांच के बाद आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 25 मार्च 2026 को जिला चिकित्सालय से पुलिस सहायता केंद्र में एक सूचना प्राप्त हुई थी। अस्पताल के सुरक्षा गार्ड चंदलाल द्वारा एक मेमो प्रस्तुत किया गया, जिसमें 4 माह के बच्चे हंसराज की मृत्यु की जानकारी दी गई थी। इस सूचना पर पुलिस ने शून्य में मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया और घटना स्थल ग्राम जयपुर होने के कारण मर्ग डायरी को चौकी सलका उमेश्वरपुर भेजा गया।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मामले की गंभीरता से जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने गवाहों के बयान लिए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन किया। रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि बच्चे की मौत सिर में गंभीर चोट लगने के कारण हुई है।

जांच में सामने आया कि घटना के दिन सुबह आरोपी महिला बृंदावती अपने 4 माह के पुत्र हंसराज को गोद में लेकर घर के बाहर खड़ी थी। बच्चा लगातार रो रहा था, जिससे वह अत्यधिक आक्रोशित हो गई। इसी दौरान, उसके पति सूनसाय कुछ दूरी पर खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। गवाहों के अनुसार, महिला ने गुस्से में आकर बच्चे को जमीन पर जोर से पटक दिया।

घटना के बाद बच्चे को तुरंत उपचार के लिए जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसी दिन उसकी मृत्यु हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने सिर में गंभीर चोट को मृत्यु का कारण बताया।

सभी साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज किया। विवेचना के दौरान आरोपी बृंदावती (उम्र 23 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

पुलिस ने विधिवत कार्रवाई करते हुए 31 मार्च 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

इस पूरे मामले में चौकी प्रभारी संजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में आरक्षक राकेश सिंह, पंकज राजवाड़े, मुरारी साहू तथा महिला सैनिक गुंजा मनिया और प्रीति शामिल रहीं।

यह घटना न केवल कानून व्यवस्था के लिहाज से गंभीर है, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि तनाव और क्रोध की स्थिति में ऐसे कदम कितने घातक हो सकते हैं।