नशा मुक्त भारत सप्ताह के तहत कबीरधाम में जागरूकता कार्यक्रम, नागरिकों को दिलाई गई नशामुक्ति की शपथ

नशा मुक्त भारत सप्ताह के तहत कबीरधाम जिले में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। वृहद पंजीकरण शिविर के दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई तथा नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।

Jun 19, 2026 - 18:21
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नशा मुक्त भारत सप्ताह के तहत कबीरधाम में जागरूकता कार्यक्रम, नागरिकों को दिलाई गई नशामुक्ति की शपथ

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l कबीरधाम जिले में “नशा मुक्त भारत अभियान-विकसित भारत की पहचान” थीम के अंतर्गत नशा मुक्त भारत सप्ताह मनाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिलेभर में विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और स्वस्थ एवं जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

इसी क्रम में जिले के सभी जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों में वृहद पंजीकरण शिविर आयोजित किए गए। यह शिविर प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित “विकास के, विश्वास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम का हिस्सा थे। शिविरों के माध्यम से आम नागरिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देने और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं, सुविधाओं और लाभों की जानकारी नागरिकों को प्रदान की गई। साथ ही समाज कल्याण विभाग की ओर से नशा मुक्त भारत अभियान के तहत विशेष जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। उपस्थित लोगों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान के बारे में विस्तार से बताया गया।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। सभी प्रतिभागियों ने न केवल स्वयं नशे से दूर रहने बल्कि अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। शपथ के माध्यम से लोगों को स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके परिवार और समाज पर भी गंभीर प्रभाव डालती है। नशे के कारण आर्थिक नुकसान, सामाजिक समस्याएं और स्वास्थ्य संबंधी कई जटिलताएं उत्पन्न होती हैं। इसलिए समाज के प्रत्येक वर्ग को इस विषय में जागरूक करना आवश्यक है। विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रखने और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं है, बल्कि समाज में एक सकारात्मक वातावरण तैयार करना है, जहां लोग नशे के प्रति सजग रहें और स्वस्थ जीवन को प्राथमिकता दें। इसके लिए विभिन्न स्तरों पर जागरूकता कार्यक्रम, शपथ अभियान, रैलियां और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

समाज कल्याण विभाग ने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी नशे से बचने के लिए प्रेरित करें। विभाग का मानना है कि जनभागीदारी के बिना नशामुक्त समाज का लक्ष्य प्राप्त करना संभव नहीं है।

नशा मुक्त भारत सप्ताह के तहत आयोजित यह कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश देने और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही नशामुक्त, स्वस्थ और जागरूक समाज का निर्माण संभव हो सकेगा।