1.77 करोड़ की निवेश धोखाधड़ी का फरार आरोपी गिरफ्तार, ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई
रायगढ़ पुलिस ने 1 करोड़ 77 लाख रुपये की निवेश धोखाधड़ी के मामले में फरार आरोपी विश्वजीत देवनाथ को जांजगीर-चांपा से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर निवेशकों को 6 प्रतिशत मासिक रिटर्न का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है।
UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l रायगढ़ पुलिस ने निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक फरार आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत थाना कोतवाली पुलिस ने 1 करोड़ 77 लाख 10 हजार रुपये की निवेश धोखाधड़ी के मामले में आरोपी विश्वजीत देवनाथ को जांजगीर-चांपा जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
मामले की शुरुआत 30 मई 2026 को हुई, जब दरोगापारा निवासी संजय मिश्रा ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार वर्ष 2022 में उसकी मुलाकात विश्वजीत देवनाथ से हुई थी। आरोपी ने स्वयं को एलईडी बल्ब निर्माण और शेयर मार्केट ट्रेडिंग व्यवसाय से जुड़ा बताते हुए निवेश पर हर माह 6 प्रतिशत ब्याज और 10 प्रतिशत मूलधन वापसी का भरोसा दिया था। आरोपी के झांसे में आकर संजय मिश्रा ने बैंक से ऋण लेकर 12 लाख रुपये निवेश किए थे।
प्रारंभिक अवधि में आरोपी द्वारा नियमित रूप से ब्याज भुगतान किए जाने के कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ता गया और अन्य लोगों ने भी बड़ी मात्रा में रकम निवेश कर दी। जांच में सामने आया कि आरोपी ने 13 से अधिक निवेशकों से कुल 1 करोड़ 77 लाख 10 हजार रुपये जुटाए थे। बाद में निवेशकों को संदेह हुआ कि आरोपी के पास शेयर ट्रेडिंग से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और डीमैट खाते का कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
अपराध क्रमांक 288/2026 के तहत दर्ज मामले की विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी के खिलाफ जांजगीर-चांपा जिले के चांपा थाना क्षेत्र में भी धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज है। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने चांपा पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष टीम गठित की और आरोपी को जांजगीर-चांपा से हिरासत में लेकर रायगढ़ लाया गया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह लोगों से निवेश कराकर विभिन्न बैंक खातों और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से शेयर बाजार में रकम लगाता था। शुरुआती दौर में निवेशकों को लाभ और ब्याज का भुगतान भी किया गया, जिससे अधिक लोगों ने निवेश किया। आरोपी के अनुसार मई 2025 के बाद शेयर बाजार में भारी नुकसान होने के कारण वह निवेशकों की राशि वापस नहीं कर सका।
पुलिस के अनुसार आरोपी के उपयोग में आने वाली फॉर्च्यूनर वाहन और कुछ बैंकिंग दस्तावेज चांपा थाना में दर्ज प्रकरण के दौरान पहले ही जब्त किए जा चुके हैं। अब पुलिस आरोपी के बैंक खातों, ट्रेडिंग खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच कर रही है। मामले में संभावित निवेश नेटवर्क और अन्य संबंधित तथ्यों की भी पड़ताल जारी है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने लोगों से अपील की है कि शेयर मार्केट, ऑनलाइन निवेश या अधिक मुनाफे का लालच देने वाली किसी भी योजना में निवेश करने से पहले उसकी वैधता और दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध निवेश योजना या साइबर ठगी की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में दें। रायगढ़ पुलिस ऐसे मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चला रही है।