बालोद में फर्जी ऋण पुस्तिका से जमीन बेचने की साजिश नाकाम, दो फरार आरोपी गिरफ्तार
बालोद पुलिस ने फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर दूसरे की कृषि भूमि बेचने की साजिश रचने वाले दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने 15 लाख रुपये में जमीन का सौदा कर 1.50 लाख रुपये बयाना भी लिया था। मामले में एक आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुका है, जबकि पुलिस ने आरोपियों से नकदी और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. बालोद सुनील, साहू l फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर दूसरे की कृषि भूमि बेचने की साजिश का खुलासा करते हुए बालोद पुलिस ने दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर खुद को जमीन का मालिक बताया और कृषि भूमि बेचने का सौदा कर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का प्रयास किया। मामले में एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि अब दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है
पुलिस के मुताबिक लाटाबोड़ निवासी डमेन्द्र कुमार गंजीर की कृषि भूमि के नाम पर फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार की गई थी। आरोपियों ने इस फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल करते हुए ग्राम देवारभाट निवासी विनोद कुमार वर्मा और कमला वर्मा को विश्वास में लिया तथा संबंधित भूमि का सौदा 15 लाख रुपये में तय कर दिया। सौदे के दौरान आरोपियों ने 1.50 लाख रुपये बयाना राशि भी प्राप्त कर ली और खरीदारों को फर्जी ऋण पुस्तिका सौंप दी।
बाद में जब खरीदार पक्ष ने दस्तावेजों की जांच कराई तो फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। इसके बाद खरीदारों ने आरोपियों से अपनी रकम वापस मांगी। आरोपियों ने पैसे लौटाने का भरोसा देते हुए चेक भी दिए, लेकिन मामला संदिग्ध होने पर इसकी शिकायत पुलिस से की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने पहले आरोपी नरेन्द्र बहादुर सोनी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर जमीन बेचने की योजना बनाई थी। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश शुरू की।
लगातार प्रयास के बाद पुलिस ने फरार चल रहे हरिशंकर गजभिये और श्रवण साहू को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने भी अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 हजार रुपये नकद तथा घटना में उपयोग किया गया मोबाइल फोन भी जब्त किया है। जब्त सामग्री को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आगे की विवेचना की जा रही है।
बालोद पुलिस का कहना है कि भूमि संबंधी लेनदेन करते समय सभी दस्तावेजों की राजस्व अभिलेखों से जांच कराना बेहद जरूरी है। किसी भी संपत्ति की खरीद से पहले उसके मूल रिकॉर्ड, ऋण पुस्तिका और स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें, ताकि इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके। पुलिस मामले में अन्य संभावित आरोपियों और पूरे फर्जीवाड़े के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।