बालोद में सरकारी नौकरी का झांसा देकर 25.50 लाख की ठगी, महिला गिरफ्तार

बालोद में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 7 लोगों से 25.50 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में पुलिस ने लता धीवर को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव से परिचित बताकर लोगों को नौकरी दिलाने का भरोसा देती थी। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर मामले की जांच तेज कर दी है।

Jun 30, 2026 - 11:09
 0  3
बालोद में सरकारी नौकरी का झांसा देकर 25.50 लाख की ठगी, महिला गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में बालोद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि वह खुद को छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव से परिचित बताकर लोगों का भरोसा जीतती थी और सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूलती थी। मामले की जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने अपने एक साथी के साथ मिलकर सात लोगों से कुल 25.50 लाख रुपये की ठगी की।

पुलिस के अनुसार, 28 जून 2026 को मरारपारा निवासी डामिन साहू ने थाना बालोद में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि उसकी परिचित बिंदु दुबे और ललिता गजेंद्र के साथ मिलकर उसने पांडेपारा निवासी लता धीवर से सरकारी नौकरी के संबंध में संपर्क किया था। आरोपी ने कृषि विभाग, जिला अस्पताल में केयर टेकर तथा दवा वितरण जैसे पदों पर नियुक्ति दिलाने का भरोसा दिया और प्रत्येक अभ्यर्थी से दो-दो लाख रुपये की मांग की।

शिकायत के अनुसार, डामिन साहू से 2 लाख रुपये, बिंदु दुबे से 1.50 लाख रुपये तथा ललिता गजेंद्र से 2 लाख रुपये लिए गए। इस प्रकार तीन लोगों से कुल 5.50 लाख रुपये वसूल लिए गए, लेकिन किसी को भी नौकरी नहीं मिली। जब पीड़ितों ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी टालमटोल करती रही, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी लता धीवर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर कुल सात लोगों से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 25.50 लाख रुपये प्राप्त किए थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि ठगी की गई रकम में से 23.92 लाख रुपये आरोपी ने अपने साथी के बताए गए विभिन्न बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए थे। इसके बदले उसे 1.57 लाख रुपये कमीशन के रूप में प्राप्त हुए।

जांच के दौरान पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया वीवो कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया है। आरोपी को 29 जून 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और आरोपी के साथ जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।

बालोद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं। सरकारी भर्ती केवल निर्धारित और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से ही होती है। यदि कोई व्यक्ति प्रभावशाली अधिकारियों या नेताओं से पहचान का दावा कर नौकरी दिलाने के बदले पैसे मांगता है, तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।