रायपुर में ‘KQ Battle 4.0’ किडनी क्विज़ का आयोजन, एम्स रायपुर की टीम ने मारी बाज़ी

रायपुर में एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल द्वारा वर्ल्ड किडनी डे के अवसर पर आयोजित ‘KQ Battle 4.0 – इंटर-स्टेट किडनी क्विज़ कॉन्टेस्ट 2026’ में देशभर की 24 टीमों ने भाग लिया। एम्स रायपुर की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया।

Mar 25, 2026 - 11:45
 0  12
रायपुर में ‘KQ Battle 4.0’ किडनी क्विज़ का आयोजन, एम्स रायपुर की टीम ने मारी बाज़ी

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल द्वारा वर्ल्ड किडनी डे के अवसर पर ‘KQ Battle 4.0 – इंटर-स्टेट किडनी क्विज़ कॉन्टेस्ट 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन में देशभर के विभिन्न राज्यों से आए मेडिकल छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रतियोगिता में कुल 24 टीमों ने हिस्सा लिया, जो देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों का प्रतिनिधित्व कर रही थीं। इस क्विज़ का मुख्य उद्देश्य नेफ्रोलॉजी (किडनी रोग विज्ञान) के क्षेत्र में ज्ञान बढ़ाना, प्रतिस्पर्धा की भावना को प्रोत्साहित करना और युवा डॉक्टरों के बीच अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देना रहा।

कार्यक्रम का संचालन और मार्गदर्शन वरिष्ठ विशेषज्ञों डॉ. सुनील धर्मानी (क्लिनिकल लीड एवं सीनियर कंसल्टेंट, नेफ्रोलॉजी विभाग), डॉ. प्रदीप शर्मा (सीनियर कंसल्टेंट, क्रिटिकल केयर मेडिसिन), डॉ. अजय मिश्रा (कंसल्टेंट, इमरजेंसी मेडिसिन), डॉ. प्रणिता धर्मानी, डॉ. प्रशांत, डॉ. अंजलि एवं डॉ. स्वप्निल कटारिया द्वारा किया गया।

वहीं, प्रतियोगिता में जज की भूमिका डॉ. देवप्रिया लकड़ा (एचओडी मेडिसिन, मेकहरा रायपुर), डॉ. परवेज़ कमाल एवं डॉ. एस. के. गोयल ने निभाई।

प्रतियोगिता के परिणामों में प्रथम स्थान एम्स रायपुर की टीम (डॉ. योगप्रिया, डॉ. निहिलन) ने हासिल किया। द्वितीय स्थान जीएमसी नागपुर (डॉ. राजेश रमेश भांड, डॉ. आयुष एम. सिक्ची) और तृतीय स्थान सिम्स बिलासपुर (डॉ. अद्रि सिखर पाल, डॉ. बुरहानुद्दीन फ़िदवी) को प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने किडनी रोगों, उनके उपचार और नवीनतम चिकित्सा अनुसंधान से जुड़े प्रश्नों पर अपनी गहरी समझ और उत्कृष्ट ज्ञान का प्रदर्शन किया। विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए गए, जिससे प्रतिभागियों का उत्साह और बढ़ा।

इस अवसर पर आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार की शैक्षणिक प्रतियोगिताएं चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर सीखने की संस्कृति को मजबूत करती हैं और युवा डॉक्टरों को विशेषज्ञता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।