शहीदी दिवस पर ‘माय भारत, मेरी जिम्मेदारी’ अभियान: छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में युवाओं के कार्यक्रम

शहीदी दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में ‘माय भारत, मेरी जिम्मेदारी’ थीम के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पदयात्रा, डिजिटल प्रतियोगिता और जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

Mar 20, 2026 - 16:58
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शहीदी दिवस पर ‘माय भारत, मेरी जिम्मेदारी’ अभियान: छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में युवाओं के कार्यक्रम

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर। शहीदी दिवस के अवसर पर इस वर्ष छत्तीसगढ़ में युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के उद्देश्य से राज्यभर में व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ‘माय भारत, मेरी जिम्मेदारी’ थीम के अंतर्गत 23 मार्च को राज्य के सभी 33 जिलों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित होंगी, जिनमें युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

राजधानी रायपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में अधिकारियों ने बताया कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को देश के प्रति अपने दायित्व का एहसास कराना और उन्हें समाज के सकारात्मक बदलाव में सहभागी बनाना है। हर वर्ष 23 मार्च को देश अमर शहीदों भगत सिंह, शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर के सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धापूर्वक याद करता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला तैयार की गई है।

अधिकारियों के अनुसार, 23 मार्च को राज्य स्तर पर एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा। इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। यह पदयात्रा शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ युवाओं में देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का प्रयास करेगी।

कार्यक्रमों की शुरुआत 19 मार्च से ही हो चुकी है। इसके तहत डिजिटल क्विज और रील प्रतियोगिता जैसे नवाचारपूर्ण आयोजन शुरू किए गए हैं, जिनके माध्यम से युवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी जोड़ा जा रहा है। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य युवाओं में इतिहास, देशभक्ति और सामाजिक विषयों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

इसके अलावा 22 मार्च को ‘माय भारत सिविक सेंस चैलेंज’ के अंतर्गत कई जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें स्वच्छता अभियान, सड़क सुरक्षा जागरूकता, श्रमदान और सामुदायिक गतिविधियां शामिल हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझाने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रेस वार्ता के दौरान माय भारत के राज्य निदेशक अर्पित तिवारी ने कहा कि शहीदों का बलिदान केवल इतिहास का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा, “शहीदों के आदर्श हमें यह सिखाते हैं कि देश के लिए समर्पण और जिम्मेदारी का भाव हर नागरिक में होना चाहिए। ‘माय भारत, मेरी जिम्मेदारी’ अभियान इसी भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास है।”

उन्होंने आगे बताया कि इस अभियान का उद्देश्य शहीदी दिवस को एक जन-आंदोलन का रूप देना है, ताकि अधिक से अधिक युवा राष्ट्र सेवा और समाज के विकास के लिए प्रेरित हो सकें। इस पहल के जरिए युवाओं में अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व और सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।

राज्य के विभिन्न जिलों में स्थानीय स्तर पर भी कार्यक्रमों की तैयारी तेज हो गई है। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से युवाओं को इन आयोजनों से जोड़ा जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं में राष्ट्र निर्माण के प्रति सकारात्मक सोच और जागरूकता का विस्तार होगा।

इन आयोजनों के जरिए एक मजबूत संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि देशभक्ति केवल भावनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन करना भी उतना ही जरूरी है। छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाले ये कार्यक्रम युवाओं को समाज और देश के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने का महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकते हैं।