सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा का संदेश: गुरुकुल पब्लिक स्कूल में यातायात विभाग ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
कवर्धा के गुरुकुल पब्लिक स्कूल में सड़क सुरक्षा माह के तहत यातायात विभाग द्वारा विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में हेलमेट, सीट बेल्ट, वाहन बीमा और नाबालिग वाहन चालन पर विशेष जोर दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। सड़क सुरक्षा माह के अवसर पर कवर्धा जनपद की सुप्रतिष्ठित अंग्रेजी माध्यम शाला गुरुकुल पब्लिक स्कूल में यातायात विभाग कवर्धा द्वारा एक विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय कर्मचारियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी देना रहा।
कार्यक्रम में यातायात विभाग कवर्धा के ट्रैफिक इंचार्ज अजय कांत तिवारी अपने सहयोगी अधिकारियों के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने रोचक और सरल शैली में विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के महत्व को समझाया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को वाहन चलाना कानूनन अपराध है। यदि नाबालिग द्वारा वाहन चलाते समय कोई दुर्घटना होती है, तो उस स्थिति में उनके माता-पिता, विशेष रूप से पिता, स्वतः आरोपी माने जाते हैं और उन पर आपराधिक कार्रवाई हो सकती है।
ट्रैफिक इंचार्ज ने दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य बताया और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वाहन से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज—जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीयन प्रमाण पत्र, बीमा एवं प्रदूषण प्रमाण पत्र—हमेशा साथ रखना चाहिए।
विद्यालय के मीडिया प्रभारी शिक्षक डॉ. विजय कुमार शाही ने जानकारी दी कि कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों, कर्मचारियों तथा विद्यालय बस के चालक-परिचालकों को विशेष रूप से यह समझाया गया कि वाहन बीमा अत्यंत आवश्यक है, जिससे दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक नुकसान से बचाव किया जा सके। उन्होंने कहा कि जीवन अनमोल है और इसकी सुरक्षा सर्वोपरि है, इसी भावना को दर्शाता है यातायात विभाग का स्लोगन— “सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा।”
विद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार राय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे स्वयं अनाधिकृत रूप से वाहन न चलाएं और अपने माता-पिता व परिजनों को भी यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करें।
विद्यालय के अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों ने इस कार्यक्रम पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस जागरूकता अभियान से न केवल विद्यार्थी, बल्कि शिक्षक एवं कर्मचारी भी लाभान्वित हुए हैं। कार्यक्रम ने सभी को सड़क सुरक्षा के प्रति अधिक जिम्मेदार बनने की प्रेरणा दी।