कवर्धा में शिशु संरक्षण माह की शुरुआत, हजारों बच्चों को मिलेगा विटामिन ए और आयरन का लाभ

कवर्धा जिले में शिशु संरक्षण माह की शुरुआत हुई। अभियान के तहत 93 हजार से अधिक बच्चों को विटामिन ए और करीब 98 हजार बच्चों को आयरन सिरप दिया जाएगा।

Mar 20, 2026 - 16:51
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कवर्धा में शिशु संरक्षण माह की शुरुआत, हजारों बच्चों को मिलेगा विटामिन ए और आयरन का लाभ

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा | जिले में शिशु स्वास्थ्य और पोषण को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कवर्धा में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी. के. तुरे द्वारा बच्चों को विटामिन ए सिरप पिलाकर किया गया। यह अभियान 21 अप्रैल 2026 तक जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित किया जाएगा।

इस अभियान के तहत जिले में 93,273 बच्चों को विटामिन ए और 98,759 बच्चों को आयरन सिरप (आईएफए) पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह पहल बच्चों में कुपोषण और उससे जुड़ी बीमारियों को कम करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कुपोषण से बचाव पर जोर

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी. के. तुरे ने बताया कि 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए विटामिन ए और आयरन बेहद आवश्यक हैं। इस अभियान के तहत 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को वर्ष में दो बार विटामिन ए अनुपूरण दिया जाएगा, जबकि 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को आयरन सिरप उपलब्ध कराया जाएगा।

संपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं भी शामिल

शिशु संरक्षण माह के दौरान केवल विटामिन ए और आयरन वितरण ही नहीं, बल्कि अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी। इसमें नियमित टीकाकरण, बच्चों का वजन मापन, गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान और उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्रों में उपचार की सुविधा शामिल है।

मैदानी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण

जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनुपमा तिवारी ने बताया कि अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसका उद्देश्य यह है कि जिले का कोई भी पात्र बच्चा इस योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।

अभिभावकों से अपील

स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों में अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर बच्चों को विटामिन ए और आयरन सिरप अवश्य दिलवाएं। इससे बच्चों का समुचित शारीरिक और मानसिक विकास सुनिश्चित हो सकेगा।

इस अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनुपमा तिवारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. हिमांशु सेन, डॉ. टीशांत कोशले, जिला प्रबंधक (शहरी) अंशूल थुदगर, डॉ. मुकुंद राव सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम और मैदानी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर, शिशु संरक्षण माह बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जो जिले में कुपोषण की समस्या को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी।