सुशासन दिवस में गूंजी किसानों की आवाज: ओरमा सरपंच की पहल पर हरकत में आया जल संसाधन विभाग

बालोद जिले के खपरी में आयोजित सुशासन दिवस में ओरमा सरपंच मंजूलता साहू ने किसानों की जर्जर मार्ग की समस्या उठाई। आवेदन के बाद जल संसाधन विभाग ने तुरंत संज्ञान लेकर निरीक्षण और समाधान का आश्वासन दिया।

May 6, 2026 - 12:36
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सुशासन दिवस में गूंजी किसानों की आवाज: ओरमा सरपंच की पहल पर हरकत में आया जल संसाधन विभाग

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद। जिले में आयोजित सुशासन दिवस कार्यक्रम एक बार फिर आमजन की समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच साबित हुआ। जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर ग्राम खपरी में आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों की लंबे समय से चली आ रही समस्या प्रमुखता से सामने आई। ग्राम पंचायत ओरमा की सरपंच मंजूलता साहू ने बघमरा माइनर नहर के किनारे जर्जर मार्ग की स्थिति को लेकर अधिकारियों के सामने गंभीर मुद्दा उठाया, जिस पर प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया।

सरपंच मंजूलता साहू द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्र में स्पष्ट रूप से बताया गया कि नहर निर्माण के बाद खेतों तक पहुंचने वाला मार्ग पूरी तरह खराब हो चुका है। इस कारण किसानों को खेती-किसानी के कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों तक पहुंचना कठिन हो गया है, जिससे कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। साथ ही फसल के परिवहन और कृषि यंत्रों के आवागमन में भी बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि जल संसाधन विभाग द्वारा अब तक इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। किसानों को लंबे समय से इस जर्जर मार्ग के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है, लेकिन उनकी समस्या पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया।

सुशासन दिवस के मंच पर जब यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया और औपचारिक रूप से आवेदन प्रस्तुत किया गया, तो प्रशासन की सक्रियता तुरंत देखने को मिली। जल संसाधन विभाग की ओर से सरपंच को फोन कर स्थल निरीक्षण के लिए समय तय किया गया। विभाग ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही स्थिति का आकलन कर आवश्यक सुधार कार्य शुरू किए जाएंगे।

सरपंच मंजूलता साहू की सक्रियता और पहल ने इस समस्या को प्रशासन की प्राथमिकता में ला दिया है। वे लगातार क्षेत्र की जनसमस्याओं को उठाने और उनके समाधान के लिए प्रयासरत रही हैं। उनकी इसी पहल के कारण किसानों की यह गंभीर समस्या अब समाधान की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।

ग्रामीणों ने सरपंच के प्रयासों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि जल्द ही नहर किनारे स्थित जर्जर मार्ग का निर्माण या मरम्मत कार्य शुरू होगा। इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और खेती-किसानी से जुड़े कार्यों में सुविधा होगी।

यह घटना दर्शाती है कि जब जनप्रतिनिधि सक्रियता से जनता की समस्याओं को उठाते हैं और प्रशासन संवेदनशीलता के साथ कार्य करता है, तो समस्याओं का समाधान संभव हो जाता है। सुशासन दिवस का उद्देश्य भी यही है कि आमजन की आवाज सीधे प्रशासन तक पहुंचे और उनका त्वरित निराकरण हो।

कुल मिलाकर, ओरमा पंचायत की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और जनभागीदारी का उदाहरण बनकर सामने आई है, जिससे अन्य पंचायतों को भी प्रेरणा मिलेगी।