रामनवमी 2026: कवर्धा के जानकी रमण मंदिर में भक्ति की गूंज, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया प्रसाद

कवर्धा में रामनवमी के अवसर पर जानकी रमण मंदिर में भव्य आयोजन हुआ। अभिषेक, पूजन और भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूरे शहर में भक्तिमय माहौल बना रहा।

Mar 27, 2026 - 16:57
 0  3
रामनवमी 2026: कवर्धा के जानकी रमण मंदिर में भक्ति की गूंज, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया प्रसाद

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव कवर्धा ।  छत्तीसगढ़ के कवर्धा में रामनवमी के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। शहर के कचहरीपारा स्थित श्री जानकी रमण मंदिर में इस वर्ष रामनवमी पर्व को विशेष रूप से भव्य और यादगार बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई थीं।

सुबह अभिजीत मुहूर्त में भगवान श्रीराम के प्रकट्य दिवस का आयोजन विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। मंदिर परिसर ‘जय श्रीराम’ के नारों से गूंज उठा और भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

मंदिर के पुजारी पंडित अखिलेश शुक्ला ने भगवान श्रीराम का विधिवत अभिषेक और पूजन कराया। इसके बाद रामलला का विशेष शृंगार किया गया, जिसमें उन्हें स्वर्णाभूषणों से सजाया गया। साथ ही भगवान को उनका प्रिय भोग मालपुआ और पंजरी अर्पित की गई।

राम जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और हर कोई भक्ति भाव में डूबा नजर आया। पूरे आयोजन के दौरान वातावरण पूरी तरह धार्मिक ऊर्जा और आस्था से परिपूर्ण रहा।

इस अवसर पर शहर के कई प्रमुख लोग भी उपस्थित रहे। आयोजन में सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लेकर अपनी आस्था प्रकट की। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे के साथ इस पावन पर्व की खुशियां साझा कीं।

मंदिर की सजावट इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कोलकाता से मंगवाए गए रंग-बिरंगे फूलों से पूरे मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया था। हर कोना फूलों की खुशबू और सजावट से महक रहा था, जिससे श्रद्धालुओं को एक दिव्य और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हुआ।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में मंदिर समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समिति के अध्यक्ष संतोष कुमार चौबे, उपाध्यक्ष अजय गुप्ता, सचिव संतोष सोनी, कोषाध्यक्ष वेद प्रकाश श्रीवास्तव और संजय दुबे सहित सभी सदस्यों ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।

इस मौके पर शंकराचार्य जनकल्याण न्यास से जुड़े चंद्रप्रकाश उपाध्याय ने कहा कि रामनवमी केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह भगवान श्रीराम के आदर्शों को समाज तक पहुंचाने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमारी संस्कृति, मर्यादा और धार्मिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं।

कुल मिलाकर, कवर्धा में मनाई गई रामनवमी ने न केवल धार्मिक आस्था को और मजबूत किया, बल्कि समाज में एकता, प्रेम और सद्भाव का संदेश भी दिया।