दल्लीराजहरा–रावघाट रेल परियोजना में बड़ी सफलता: ताड़ोकी से रावघाट तक 17 किमी पटरी बिछाने का कार्य पूरा
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में दल्लीराजहरा–रावघाट रेल परियोजना के तहत ताड़ोकी से रावघाट तक 17 किमी रेल पटरी बिछाने का काम पूरा हो गया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा के बीच यह महत्वपूर्ण कार्य संपन्न हुआ, जिससे क्षेत्र में रेलवे कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से जुड़ी दल्लीराजहरा–रावघाट रेल परियोजना में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। रेल विकास निगम लिमिटेड (रेल विकास निगम लिमिटेड) ने ताड़ोकी से रावघाट तक 17 किलोमीटर लंबी रेल पटरी बिछाने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा होने की पुष्टि की है। यह परियोजना लंबे समय से चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चल रही थी, लेकिन अब इसके अंतिम चरण की ओर बढ़ने से क्षेत्र में विकास की नई उम्मीद जगी है।
यह कार्य नक्सल प्रभावित घने जंगलों के बीच किया गया, जहां सुरक्षा एक बड़ी चुनौती थी। परियोजना स्थल पर करीब 1300 जवानों की तैनाती की गई थी, जिसमें सशस्त्र सीमा बल की दो बटालियन शामिल थीं। इन जवानों ने निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित की, जिससे काम बिना किसी बड़ी बाधा के पूरा किया जा सका।
जानकारी के अनुसार, इस चरण का निर्माण कार्य अक्टूबर 2023 में शुरू हुआ था और अप्रैल 2026 में जाकर पूरा हुआ। यानी करीब ढाई साल का समय इस 17 किमी पटरी को बिछाने में लगा। इसके पीछे मुख्य कारण इलाके का दुर्गम भू-भाग, घने जंगल और नक्सली गतिविधियों का खतरा रहा। निर्माण स्थल नारायणपुर–अंतागढ़ स्टेट हाईवे से 6–7 किलोमीटर अंदर स्थित है, जिससे मशीनरी और निर्माण सामग्री पहुंचाना भी एक बड़ी चुनौती रहा।
आरवीएनएल के अधिकारियों के मुताबिक, इस परियोजना के इस हिस्से का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष सुरक्षा और फिनिशिंग कार्य को जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद जुलाई 2026 में कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) द्वारा ट्रायल रन और निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण रिपोर्ट रेल मंत्रालय को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर ट्रेन संचालन की अंतिम तिथि तय होगी।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य रावघाट क्षेत्र से निकलने वाले आयरन ओर को भिलाई स्टील प्लांट तक पहुंचाना है। इसके साथ ही, इस क्षेत्र में रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ाकर स्थानीय लोगों को भी आवागमन की बेहतर सुविधा प्रदान करना है।
दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक रेल लाइन का विस्तार पहले ही पूरा किया जा चुका है। अब इस छठे चरण के पूरा होने के बाद उस क्षेत्र में भी विकास की नई राह खुलेगी, जहां कभी नक्सलियों का खौफ हावी रहता था।
अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो अगस्त 2026 तक इस रूट पर ट्रेन संचालन शुरू होने की उम्मीद है। यह परियोजना न केवल औद्योगिक विकास को गति देगी, बल्कि क्षेत्र में सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करेगी।