बारिश में जलभराव पर निगम की सख्ती, मोवा ओवरब्रिज के नीचे नाले पर बने 6 अवैध पाट तोड़े

रायपुर नगर निगम ने मोवा ओवरब्रिज के नीचे बारिश में जलभराव की समस्या को देखते हुए नाले पर बने छह अवैध पाटों को जेसीबी से हटाया। नोटिस के बावजूद संबंधित संस्थानों द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाने पर यह कार्रवाई की गई, जिससे जल निकासी और नाले की सफाई सुगम हो सके।

Jul 18, 2026 - 18:00
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बारिश में जलभराव पर निगम की सख्ती, मोवा ओवरब्रिज के नीचे नाले पर बने 6 अवैध पाट तोड़े

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में लगातार हो रही बारिश के बीच जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम ने मोवा ओवरब्रिज के नीचे बड़ी कार्रवाई की। नगर निगम के जोन-3 की टीम ने नाले पर बनाए गए छह अवैध पाटों को जेसीबी मशीन की मदद से हटाकर जल निकासी का रास्ता साफ कराया।

नगर निगम के अनुसार लोधीपारा चौक के पास मोवा ओवरब्रिज के नीचे स्थित होंडा शोरूम सहित अन्य व्यावसायिक संस्थानों द्वारा नाले पर अवैध पाट बना दिए गए थे। इन पाटों के कारण नाले की नियमित सफाई प्रभावित हो रही थी और बारिश के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही थी। इसे देखते हुए संबंधित संस्थानों को पहले नोटिस जारी कर अपने खर्च पर अवैध पाट हटाने और सफाई के लिए चैंबर बनाने के निर्देश दिए गए थे।

नोटिस के बावजूद निर्धारित समय तक अवैध निर्माण नहीं हटाए जाने पर नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए नाले पर बने छह बड़े अवैध पाटों को जेसीबी मशीन से तोड़ दिया। कार्रवाई के बाद नाले की सफाई कराकर बारिश का पानी और गंदे पानी की निकासी को सुगम बनाया गया।

नगर निगम का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से लोगों को राहत दिलाना और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अधिकारियों के अनुसार नालों पर अवैध निर्माण होने से नियमित सफाई कार्य बाधित होता है, जिससे बरसात के समय पानी भरने की समस्या गंभीर हो जाती है।

कार्रवाई के दौरान जोन-3 नगर निवेश विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी जल निकासी में बाधा बनने वाले अवैध निर्माणों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। नगर निगम ने नागरिकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे नालों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या अवैध निर्माण न करें, ताकि शहर की जल निकासी व्यवस्था सुचारु बनी रहे और बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से बचा जा सके।