NMDC स्विमिंग पूल में भेदभाव के आरोप पर बढ़ा विवाद, नगर पालिका ने दी आंदोलन की चेतावनी
किरंदुल में NMDC द्वारा संचालित स्विमिंग पूल को लेकर विवाद गहरा गया है। नगर पालिका परिषद ने आरोप लगाया है कि पूल में केवल कर्मचारियों और उनके आश्रितों को प्रवेश दिया जा रहा है, जबकि स्थानीय नागरिकों को इससे वंचित रखा गया है। पालिका ने इसे भेदभावपूर्ण रवैया बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा l दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल में NMDC लिमिटेड द्वारा संचालित स्विमिंग पूल को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। नगरपालिका परिषद किरंदुल ने NMDC प्रबंधन पर नगरवासियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पालिका परिषद का कहना है कि नगर क्षेत्र में संचालित इस सुविधा का लाभ केवल कंपनी कर्मचारियों और उनके आश्रितों को दिया जा रहा है, जबकि आम नागरिकों को इससे पूरी तरह वंचित रखा गया है।
पालिका उपाध्यक्ष की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि NMDC द्वारा संचालित स्विमिंग पूल में प्रवेश सीमित कर दिया गया है। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। परिषद ने इस व्यवस्था को दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताते हुए कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी होने के बावजूद NMDC का रवैया आम नागरिकों के हितों के विपरीत दिखाई दे रहा है।
नगरपालिका परिषद का कहना है कि किरंदुल केवल NMDC कर्मचारियों का क्षेत्र नहीं है, बल्कि यहां हजारों स्थानीय नागरिक भी रहते हैं। वर्षों से इस क्षेत्र के लोगों ने कंपनी के विकास और संचालन में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग दिया है। ऐसे में नगर क्षेत्र में मौजूद सुविधाओं पर केवल एक वर्ग का अधिकार तय करना उचित नहीं माना जा सकता।
पालिका नेताओं ने आरोप लगाया कि NMDC का यह रवैया स्थानीय नागरिकों को दोयम दर्जे का समझने जैसा प्रतीत होता है। इससे कंपनी और जनता के बीच लंबे समय से बने सामाजिक और पारस्परिक संबंध प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि नगरवासियों को लगातार इस प्रकार की सुविधाओं से दूर रखा जाएगा तो इससे सामाजिक असंतोष और बढ़ेगा।
पालिका परिषद ने मांग की है कि स्विमिंग पूल को तत्काल प्रभाव से नगरवासियों के लिए भी खोला जाए। परिषद का कहना है कि निर्धारित नियमों और शुल्क के तहत आम नागरिकों को भी प्रवेश की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि सभी लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
स्थानीय लोगों का भी कहना है कि नगर क्षेत्र में स्थित सुविधाएं केवल कंपनी कर्मचारियों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। युवाओं और बच्चों के लिए खेल एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं जरूरी हैं और स्विमिंग पूल जैसी व्यवस्थाएं पूरे नगर के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं।
नगरपालिका परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो परिषद जनहित में आंदोलन, ज्ञापन और अन्य वैधानिक कार्रवाई करने को मजबूर होगी। पालिका ने स्पष्ट किया है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह NMDC प्रबंधन की होगी।
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर नगर में चर्चा तेज हो गई है और लोग कंपनी प्रबंधन के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं। पालिका परिषद ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द समाधान की उम्मीद जताई है, ताकि विवाद और ज्यादा न बढ़े।