ताजा मामला तारागांव का है, जहां किसानों ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया है कि बोर कनेक्शन के नाम पर उनसे 64 हजार रुपये की मांग की गई। बताया जा रहा है कि यह रकम विभाग से जुड़े अधिकारी के माध्यम से ली गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि किसानों ने रकम देते समय पूरा वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पैसे देने के बाद भी न तो कनेक्शन मिला और न ही किसी प्रकार की पावती दी गई। कई किसानों का आरोप है कि लगभग दो वर्षों से उनका काम लंबित है और विभाग की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा।
इसी तरह आकाबेड़ा के किसानों ने भी आरोप लगाया है कि उनसे बोर कनेक्शन के लिए 80 हजार रुपये तक की मांग की गई। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया जाता है।
एक किसान ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि उसने करीब 10 साल पहले बोर खुदवाया था और 10 हजार रुपये जमा भी किए थे, लेकिन आज तक उसे न कनेक्शन मिला और न ही भुगतान की कोई रसीद दी गई।
इससे पहले भी ट्रांसफार्मर और लाइन शिफ्टिंग के नाम पर 9 हजार रुपये रिश्वत लेने का मामला सामने आया था। लगातार सामने आ रही शिकायतों से यह संकेत मिल रहा है कि विभाग में बिना कमीशन कोई काम नहीं हो रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि “दफ्तर में फाइल तभी आगे बढ़ती है, जब जेब गर्म होती है” और पैसा देने के बाद भी काम की कोई गारंटी नहीं रहती।
पूरे मामले पर कार्यपालन अभियंता के.एल. उइके ने कहा कि शिकायत उनके संज्ञान में आई है और वायरल वीडियो की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग में सभी भुगतान काउंटर के माध्यम से होते हैं और तत्काल पावती दी जाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई कर्मचारी नियमों के विरुद्ध पैसे लेते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।