मासुल-में-खुलेआम-चल-रहा-सट्टा-कारोबार,-ग्रामीणों-ने-पुलिस-पर-संरक्षण-देने-का-लगाया-आरोप

गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम मासुल में पिछले चार महीनों से खुलेआम सट्टा पट्टी लिखे जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने रनचिरई पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने और खाईवाल को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। गांव में बढ़ते सट्टा कारोबार को लेकर लोगों में नाराजगी है।

May 12, 2026 - 16:59
May 12, 2026 - 17:55
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मासुल-में-खुलेआम-चल-रहा-सट्टा-कारोबार,-ग्रामीणों-ने-पुलिस-पर-संरक्षण-देने-का-लगाया-आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू. बालोद l बालोद जिले के गुंडरदेही ब्लॉक अंतर्गत रनचिरई थाना क्षेत्र के ग्राम मासुल में अवैध सट्टा कारोबार को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आरोप है कि पिछले चार महीनों से गांव में खुलेआम सट्टा पट्टी लिखी जा रही है, लेकिन शिकायतों के बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने रनचिरई पुलिस पर कथित संरक्षण देने तक के आरोप लगाए हैं।

ग्रामीणों के अनुसार उतई का एक खाईवाल मासुल-बोदल नहर नाली मार्ग स्थित खेत किनारे दिनदहाड़े बैठकर सट्टा का नंबर लिख रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि यह अवैध कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है और इसकी वजह से युवा और बच्चे भी इसकी चपेट में आने लगे हैं।

एक ग्रामीण ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि गांव में कई परिवार सट्टे की लत के कारण आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि बच्चों और युवाओं का भविष्य दांव पर लग रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहा। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की मौखिक शिकायत पुलिस से की गई थी, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया।

ग्रामीणों ने बताया कि रनचिरई थाना क्षेत्र में अवैध सट्टा संचालन के कई मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इससे पहले ग्राम जरवाय में भी सट्टा लिखने की शिकायत सामने आई थी, जिसे ग्रामीणों की सक्रियता के बाद बंद कराया गया। वहीं कसौदा, नहर खपरी, परसदा और आसपास के अन्य गांवों में भी अवैध सट्टा कारोबार संचालित होने की खबरें मिलती रही हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है that लगातार खबरें प्रकाशित होने और शिकायतों के बावजूद यदि कार्रवाई नहीं होती है तो इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते इस पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो गांव का माहौल और अधिक खराब हो सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि सट्टा जैसे अवैध कारोबार समाज में अपराध और आर्थिक बर्बादी को बढ़ावा देते हैं। खासकर युवा पीढ़ी इसकी गिरफ्त में आकर अपनी पढ़ाई और भविष्य से दूर होती जा रही है। गांव के बुजुर्गों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अवैध कारोबार पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

मामले में रनचिरई थाना से संपर्क किए जाने पर पुलिस ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। थाना की ओर से कहा गया कि मामले की जांच कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल गांव में इस मुद्दे को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द कार्रवाई कर अवैध सट्टा कारोबार पर अंकुश लगाएगा, ताकि गांव का माहौल सुरक्षित और सकारात्मक बना रहे।