UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम जिला अस्पताल में जटिल स्त्री रोगों का सफल उपचार कर विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दो महिलाओं को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से राहत दिलाई है। अत्यधिक और लंबे समय तक मासिक रक्तस्राव से परेशान महिलाओं का सफल ऑपरेशन कर उन्हें नई जिंदगी देने का काम किया गया। जिला अस्पताल की इस उपलब्धि से मरीजों और उनके परिजनों में खुशी का माहौल है।
विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. निहारिका सिंह ने बताया कि महिलाओं में लंबे समय तक अत्यधिक मासिक रक्तस्राव की समस्या को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और उपचार नहीं मिलने पर गंभीर एनीमिया, कमजोरी और अन्य जटिल बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने महिलाओं से नियमित स्त्री रोग जांच कराने और किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तत्काल डॉक्टर से सलाह लेने की अपील की है।
पहले मामले में 47 वर्षीय महिला पिछले तीन वर्षों से अत्यधिक मासिक रक्तस्राव की समस्या से पीड़ित थीं। लगातार अधिक रक्तस्राव होने के कारण उन्हें कई बार दवाइयों का सहारा लेना पड़ा। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि महिला को ब्लड ट्रांसफ्यूजन तक कराना पड़ा। अस्पताल में जांच और अल्ट्रासाउंड के दौरान गर्भाशय का आकार सामान्य से काफी बड़ा पाया गया। साथ ही एंडोमेट्रियल हाइपरप्लासिया की पुष्टि हुई। मरीज की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने हिस्टरेक्टॉमी सर्जरी करने का निर्णय लिया। ऑपरेशन के दौरान दोनों ओर रक्तस्रावी पैराओवेरियन सिस्ट भी पाए गए, जिन्हें सफलतापूर्वक निकाल दिया गया। सर्जरी के बाद महिला की स्थिति सामान्य रही और उन्हें स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
दूसरे मामले में 40 वर्षीय चैला बाई पिछले एक वर्ष से अत्यधिक मासिक रक्तस्राव की समस्या से जूझ रही थीं। लगातार रक्तस्राव के कारण उनका हीमोग्लोबिन स्तर घटकर मात्र 5 ग्राम रह गया था। कमजोरी और एनीमिया की स्थिति को देखते हुए उन्हें दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया। अल्ट्रासाउंड जांच में गर्भाशय में फाइब्रॉइड की पुष्टि हुई, जिसके बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने का फैसला लिया। सर्जरी के दौरान फैलोपियन ट्यूब में सिस्ट पाया गया, जिसे सफलतापूर्वक हटाया गया। ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और मरीज स्वस्थ होकर घर लौट गईं।
इन दोनों जटिल सर्जरी को डॉ. निहारिका सिंह, स्टाफ नर्स और ऑपरेशन थिएटर टीम ने सफलतापूर्वक संपन्न किया। जिला अस्पताल में इस तरह के सफल उपचार से यह साबित हो रहा है कि अब स्थानीय स्तर पर भी गंभीर बीमारियों का बेहतर इलाज उपलब्ध हो रहा है। इससे मरीजों को बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।