महासमुंद के पिथौरा जनपद कार्यालय में चोरी, सर्वर रूम से बैटरी और यूपीएस समेत लाखों का सामान पार

महासमुंद जिले के पिथौरा जनपद पंचायत कार्यालय परिसर स्थित बीएमसी सर्वर रूम में चोरी की घटना सामने आई है। अज्ञात चोर ताला तोड़कर छह बैटरियां, एक यूपीएस और जनरेटर की बैटरी चोरी कर ले गए। मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद शासकीय कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

Jul 15, 2026 - 10:54
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महासमुंद के पिथौरा जनपद कार्यालय में चोरी, सर्वर रूम से बैटरी और यूपीएस समेत लाखों का सामान पार

UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुंद l महासमुंद जिले के पिथौरा जनपद पंचायत कार्यालय परिसर में स्थित बीएमसी सर्वर रूम में चोरी की घटना सामने आने से शासकीय कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अज्ञात चोरों ने सर्वर रूम का ताला तोड़कर वहां रखी बैटरियां, यूपीएस और जनरेटर की बैटरी चोरी कर ली। घटना के बाद संबंधित अधिकारियों ने पिथौरा थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार चोरी की वारदात 6 जुलाई की शाम लगभग छह बजे से 7 जुलाई की सुबह साढ़े नौ बजे के बीच हुई। इसी दौरान अज्ञात चोर जनपद पंचायत परिसर में स्थित बीएमसी सर्वर रूम में घुसे और वहां रखा कीमती सामान लेकर फरार हो गए। चोरी गए सामान में छह बैटरियां, एक यूपीएस तथा महिंद्रा डीजी जनरेटर की बैटरी शामिल है।

जनपद पंचायत पिथौरा के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी डी.एल. बरिहा ने मामले की लिखित शिकायत पिथौरा थाने में दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार चोरी हुई छह बैटरियों की अनुमानित कीमत करीब 80 हजार रुपये है, जबकि जनरेटर की बैटरी की कीमत लगभग तीन हजार रुपये बताई गई है। चोरी से विभाग को आर्थिक नुकसान होने के साथ-साथ आवश्यक कार्यों के संचालन पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

शिकायत के आधार पर पिथौरा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305(ए) और 331(4) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ-साथ संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही है। चोरी गए सामान की बरामदगी और आरोपियों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों की भी मदद ली जा रही है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई है। सवाल उठ रहे हैं कि शासकीय परिसर में स्थित महत्वपूर्ण सर्वर रूम तक चोर कैसे पहुंच गए और सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद चोरी की वारदात को अंजाम देने में सफल कैसे हो गए। लोगों का कहना है कि ऐसे कार्यालयों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और नियमित निगरानी की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। अब यह देखना होगा कि जांच के दौरान पुलिस आरोपियों तक कब पहुंचती है और चोरी गया सामान बरामद करने में कितनी सफलता हासिल कर पाती है।