चैत्र नवरात्रि पर कवर्धा के गन्ना किसानों को बड़ी राहत, भोरमदेव शक्कर कारखाने ने जारी किए 5.97 करोड़

चैत्र नवरात्रि के अवसर पर कवर्धा के गन्ना किसानों को बड़ी राहत मिली है। भोरमदेव शक्कर कारखाने ने 5.97 करोड़ रुपये जारी किए, जिससे अब तक कुल 57.48 करोड़ का भुगतान हो चुका है।

Mar 20, 2026 - 18:42
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चैत्र नवरात्रि पर कवर्धा के गन्ना किसानों को बड़ी राहत, भोरमदेव शक्कर कारखाने ने जारी किए 5.97 करोड़

UNITED NEWS OF ASIA.कवर्धा । चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर कवर्धा जिले के गन्ना किसानों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना, राम्हेपुर द्वारा किसानों के लिए 5.97 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। इस ताजा भुगतान के साथ ही अब तक किसानों को कुल 57.48 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

 

इस भुगतान से क्षेत्र के किसानों में उत्साह और संतोष का माहौल है। लंबे समय से गन्ना भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे किसानों को इस राशि के मिलने से आर्थिक राहत मिली है, जिससे वे अपनी कृषि गतिविधियों और पारिवारिक जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकेंगे। नियमित और समयबद्ध भुगतान की व्यवस्था ने सहकारी प्रणाली में किसानों का विश्वास भी मजबूत किया है।

जिला प्रशासन की भूमिका भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण रही है। कलेक्टर एवं कारखाने के प्राधिकृत अधिकारी श्री गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में भुगतान प्रक्रिया निरंतर जारी है। प्रशासन और कारखाना प्रबंधन के समन्वय से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसानों को समय पर उनका बकाया मिल सके।

कारखाना प्रबंधन के अनुसार, चालू पेराई सत्र में उल्लेखनीय उत्पादन दर्ज किया गया है। अब तक 2,55,818 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की जा चुकी है, जिससे 3,09,120 क्विंटल शक्कर का उत्पादन हुआ है। यह उपलब्धि किसानों के सहयोग, आधुनिक तकनीक के उपयोग और बेहतर प्रबंधन का परिणाम मानी जा रही है।

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना न केवल उत्पादन में अग्रणी है, बल्कि किसानों और श्रमिकों के हितों के लिए भी निरंतर कार्य कर रहा है। कारखाने द्वारा गन्ना किसानों को एफआरपी (Fair and Remunerative Price) के अतिरिक्त रिकवरी राशि का भुगतान किया जा रहा है। इसके साथ ही शासन द्वारा घोषित बोनस भी किसानों तक पहुंचाया जा रहा है।

किसानों के कल्याण के लिए कई अन्य योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। इनमें रियायती दर पर शक्कर वितरण, उन्नत किस्म के बीजों की उपलब्धता और कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। इन पहलों के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती के तरीकों से परिचित कराया जा रहा है, जिससे उनकी उत्पादकता और आय में वृद्धि हो सके।

कारखाना परिसर में किसानों के लिए ‘बलराम सदन’ जैसी सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जहां उन्हें ठहरने और विश्राम की सुविधाएं मिलती हैं। इसके अलावा, मात्र 5 रुपये में गरम भोजन उपलब्ध कराने वाली कैंटीन भी संचालित की जा रही है, जो सामाजिक उत्तरदायित्व का एक सराहनीय उदाहरण है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की सहकारी पहलें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। समय पर भुगतान और सुविधाओं की उपलब्धता से किसानों का मनोबल बढ़ता है और वे अधिक उत्साह के साथ खेती कर पाते हैं।

कुल मिलाकर, चैत्र नवरात्रि के अवसर पर मिला यह आर्थिक सहयोग गन्ना किसानों के लिए किसी सौगात से कम नहीं है। यह कदम न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेगा, बल्कि क्षेत्र में कृषि और सहकारी संस्थाओं के विकास को भी नई दिशा देगा।