धर्मनगरी कवर्धा में श्रद्धा और उल्लास के साथ निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा
धर्मनगरी कवर्धा में आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। हजारों श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सी खींचकर पुण्य लाभ प्राप्त किया। नगरभर में भजन-कीर्तन, पुष्पवर्षा, आरती और प्रसाद वितरण के साथ भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l धर्मनगरी कवर्धा में आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन माता सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ सम्पन्न हुई। रथयात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान के दिव्य दर्शन कर रथ की रस्सी खींचने का पुण्य लाभ प्राप्त किया। पूरे नगर में "जय जगन्नाथ" के जयघोष, भजन-कीर्तन और धार्मिक उत्साह का वातावरण बना रहा।
रथयात्रा का शुभारंभ जगन्नाथ मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और महाआरती के साथ हुआ। इसके बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा को आकर्षक ढंग से सुसज्जित रथ पर विराजमान कराया गया। परंपरा के अनुसार छेरा पहरा (झाड़ू सेवा) की रस्म भी निभाई गई, जिसने सेवा, समर्पण और समानता का संदेश दिया।
रथयात्रा जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ होकर माँ शीतला मंदिर, मेन मार्केट लाइन, पूर्व मुख्यमंत्री निवास, वीर स्तंभ चौक और भारत माता चौक होते हुए आशीष दुबे के निवास पहुँची। परंपरा के अनुसार यहीं भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के मौसी घर प्रवास की व्यवस्था की गई है। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया। जगह-जगह आरती उतारी गई और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
रथयात्रा के दौरान कवर्धा राजपरिवार के राजा योगेश्वर राज सिंह की विशेष उपस्थिति आकर्षण का केंद्र रही। उनके आगमन से आयोजन की गरिमा और धार्मिक महत्व में और अधिक वृद्धि हुई। नगर के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इस आयोजन में सहभागिता निभाई।
आयोजन समिति के सदस्यों सुधीर केशरवानी, कैलाश शर्मा, जितेंद्र वैष्णव, जितेन्द्र नामदेव, भावेश मिश्रा, नीरज श्रीवास्तव, सचिन श्रीवास्तव, राजेश गुप्ता और अतुल पाण्डेय सहित सभी कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों ने रथयात्रा को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर पालिका, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, मीडिया प्रतिनिधियों और नगरवासियों का भी उल्लेखनीय सहयोग रहा।
समिति के सदस्य विकास केशरी ने बताया कि धर्मनगरी कवर्धा में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक समरसता, सेवा, संस्कृति और सनातन परंपरा का महापर्व है। उन्होंने कहा कि हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता और नगरवासियों के सहयोग से इस वर्ष का आयोजन ऐतिहासिक और सफल रहा। आयोजन समिति ने सभी सहयोगियों, दानदाताओं, स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आगामी वर्षों में भी इसी श्रद्धा, भव्यता और उत्साह के साथ रथयात्रा के आयोजन का संकल्प दोहराया।