कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग में चतुर्थ दीक्षांत समारोह का आयोजन, 1536 विद्यार्थियों को मिलेगी उपाधि
दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग में 29 जनवरी 2026 को चतुर्थ दीक्षांत समारोह आयोजित होगा। समारोह में 1536 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी की उपाधि प्रदान की जाएगी।
UNITED NEWS OF ASIA.भुवाल रोहिताश, दुर्ग। दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग में चतुर्थ दीक्षांत समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन गुरुवार 29 जनवरी 2026 को प्रातः 11 बजे से किया जाएगा। यह समारोह पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय परिसर, अंजोरा में आयोजित होगा, जिसमें विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाएगा।
चतुर्थ दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति रमेन डेका करेंगे। समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन विष्णुदेव साय होंगे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री राम विचार नेताम, मंत्री – आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन एवं पशुधन विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन उपस्थित रहेंगे।
इस अवसर पर दीक्षांत उद्बोधन डॉ. मीनेश सी. शाह, अध्यक्ष, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, आनंद (गुजरात) द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर.आर.बी. सिंह द्वारा उपाधि धारकों को दीक्षोपदेश प्रदान किया जाएगा।
समारोह में कार्यपरिषद, प्रशासनिक परिषद एवं विद्या परिषद के सदस्य, कुलसचिव, वित्त अधिकारी, निदेशकगण, अधिष्ठाता, प्राध्यापकगण सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहेंगे। इस दीक्षांत समारोह में कुल 1536 उत्तीर्ण विद्यार्थियों को पशुचिकित्सा एवं पशुपालन, दुग्ध प्रौद्योगिकी तथा मात्स्यिकी संकाय में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी की उपाधि प्रदान की जाएगी।
दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय द्वारा अकादमिक परिधान निर्धारित किया गया है, जिसका पालन अनिवार्य होगा। इस अवसर पर शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए 45 उपाधि धारकों को विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा। वहीं पशुचिकित्सा एवं पशुपालन संकाय के 08 स्नातक उपाधि धारकों को पं. तीरथ प्रसाद मिश्रा मेमोरियल स्वर्ण पदक प्रदान किया जाएगा।
यह दीक्षांत समारोह न केवल विद्यार्थियों के लिए उपलब्धि का प्रतीक होगा, बल्कि पशुधन विकास, दुग्ध उत्पादन एवं मात्स्यिकी के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की शैक्षणिक प्रगति को भी नई दिशा प्रदान करेगा।