अगरबत्ती मशीन के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप, भारत ग्रुप के खिलाफ पीड़ितों ने FIR की मांग उठाई

रायपुर के फाफाडीह स्थित वॉलफोर्ट ओजोन में संचालित भारत ग्रुप पर अगरबत्ती बनाने की मशीन, बायबैक गारंटी और घर बैठे रोजगार का झांसा देकर लाखों रुपये वसूलने का आरोप लगा है। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से पहुंचे पीड़ितों ने कलेक्टर और पुलिस कमिश्नरेट में शिकायत कर FIR दर्ज करने की मांग की है।

Aug 5, 2026 - 11:21
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अगरबत्ती मशीन के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप, भारत ग्रुप के खिलाफ पीड़ितों ने FIR की मांग उठाई

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित वॉलफोर्ट ओजोन में संचालित भारत ग्रुप के खिलाफ छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से पहुंचे बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी ने अगरबत्ती बनाने की मशीन, बायबैक गारंटी और घर बैठे रोजगार का लालच देकर उनसे लाखों रुपये वसूल लिए, लेकिन किए गए वादे पूरे नहीं किए।

पीड़ितों ने इस मामले की शिकायत जनदर्शन में कलेक्टर से की है। इसके साथ ही पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय पहुंचकर कंपनी के संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, कंपनी ने विज्ञापनों के माध्यम से दावा किया था कि मशीन के जरिए प्रतिमाह 18 हजार से 60 हजार रुपये तक की कमाई की जा सकती है। कंपनी ने यह भी भरोसा दिलाया था कि मशीन प्रतिदिन 80 से 100 किलो अगरबत्ती तैयार करेगी और तैयार माल को तय कीमत पर स्वयं खरीद लेगी। मशीन की सर्विस और रखरखाव की जिम्मेदारी लेने का भी आश्वासन दिया गया था।

पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने अपनी जमा पूंजी और कर्ज लेकर करीब 1.10 लाख से 1.20 लाख रुपये तक खर्च कर मशीनें खरीदीं। लेकिन मशीनों का सही तरीके से इंस्टॉलेशन नहीं किया गया। कई मशीनें शुरू ही नहीं हुईं, जबकि जो मशीनें चल रही हैं, उनका उत्पादन कंपनी के दावों से काफी कम है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मशीनों की बिक्री के दौरान वैध GST बिल नहीं दिया गया और केवल कच्चा चालान थमा दिया गया। इसे टैक्स चोरी का मामला बताते हुए इसकी जांच कराने की मांग की गई है।

पीड़ितों ने यह भी दावा किया है कि कंपनी द्वारा भेजे गए कच्चे माल का वजन दस्तावेजों में दर्ज मात्रा से कम था। कई बोरियों में 2 से 3 किलो तक वजन कम पाया गया, जिसके डिजिटल कांटे से किए गए माप के फोटो भी उनके पास मौजूद हैं।

आरोप है कि तैयार अगरबत्ती खरीदने का वादा भी पूरा नहीं किया गया। कंपनी ने विभिन्न कारण बताकर माल लेने से इनकार कर दिया, जिससे बड़ी मात्रा में तैयार माल खराब हो गया और लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। साथ ही रिजेक्शन के नाम पर मनमानी कटौती करने का भी आरोप लगाया गया है।

पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने मशीन, भुगतान और अन्य अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए तो कंपनी के संचालकों और कर्मचारियों ने अनुबंध समाप्त करने तथा कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। कुछ लोगों पर माफीनामा लिखने का दबाव भी बनाया गया।

पीड़ितों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कंपनी के वित्तीय लेन-देन और नापतौल की जांच करने, दोषपूर्ण मशीनें वापस लेने, जमा राशि ब्याज और मुआवजे सहित लौटाने तथा जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य प्रासंगिक धाराओं में कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।