पीएसीएल चिटफंड मामले में कबीरधाम पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो एजेंट गिरफ्तार
कबीरधाम पुलिस ने पीएसीएल चिटफंड कंपनी से जुड़े धोखाधड़ी मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि कंपनी ने हजारों निवेशकों को अधिक लाभ और कम समय में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर करोड़ों रुपये जमा कराए, लेकिन निवेशकों की राशि वापस नहीं की।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम जिले में चिटफंड कंपनियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पीएसीएल (पल्स एग्रोटिक कॉर्पोरेशन लिमिटेड) कंपनी से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में कबीरधाम पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। आरोपियों पर लोगों को अधिक ब्याज और कम समय में राशि दोगुनी करने का लालच देकर निवेश कराने तथा बाद में निवेशकों की रकम वापस नहीं करने का आरोप है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल और अमित पटेल के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस के अनुसार जिले में आम जनता से आर्थिक धोखाधड़ी करने वाली चिटफंड कंपनियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई जारी है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब ग्राम महराटोला निवासी ढेलउ राम साहू और ग्राम धनेली निवासी पुनीता बाई सहित अन्य निवेशकों ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि पीएसीएल कंपनी के एजेंटों और संचालकों ने आकर्षक लाभ का प्रलोभन देकर उनसे निवेश कराया था। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी निवेशकों को उनकी जमा राशि और ब्याज वापस नहीं मिला।
शिकायतों के आधार पर थाना कवर्धा में अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धोखाधड़ी और आपराधिक न्यासभंग से संबंधित धाराओं के साथ-साथ इनामी चिटफंड एवं धन परिचालन योजना (प्रतिषेध) अधिनियम तथा छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।
विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कंपनी ने जिले के लगभग 13,275 जमाकर्ताओं से करीब 29 करोड़ 72 लाख 41 हजार 178 रुपये जमा कराए थे। आरोप है कि निवेशकों को तय लाभ और मूलधन वापस नहीं किया गया, जिससे हजारों लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
जांच में पहले ही कंपनी के कई संचालकों और जिम्मेदार पदाधिकारियों के विरुद्ध न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जा चुका है। इसी क्रम में जांच के दौरान गुरनाम सिंह और गुरूजंत सिंह गिल की भूमिका भी सामने आई। दोनों आरोपियों के उत्तर प्रदेश के जालौन जिले की उरई जेल में निरुद्ध होने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट जारी करवाया और विशेष टीम को भेजा।
न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को कबीरधाम लाया गया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उनकी गिरफ्तारी की गई तथा उन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
कबीरधाम पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संस्था, कंपनी या निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधानिकता और विश्वसनीयता की पूरी जांच करें। पुलिस ने लोगों से संदिग्ध निवेश योजनाओं की जानकारी तत्काल प्रशासन और पुलिस को देने का आग्रह किया है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की आर्थिक धोखाधड़ी को रोका जा सके और निवेशकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।