किसान बनकर पहुंचे कृषि अधिकारी, खाद की कालाबाजारी का किया खुलासा; 74 बोरी खाद जब्त

रायगढ़ जिले के लैलूंगा में कृषि विभाग ने खाद की कालाबाजारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। उप संचालक कृषि किसान बनकर खाद खरीदने पहुंचे और जांच में पाया कि 750 रुपये की खाद 1800 रुपये में बेची जा रही थी। प्रशासन ने गोदाम सील कर 74 बोरी खाद जब्त की तथा खाद विक्रय पर 10 दिनों का प्रतिबंध लगा दिया।

Jun 7, 2026 - 11:32
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किसान बनकर पहुंचे कृषि अधिकारी, खाद की कालाबाजारी का किया खुलासा; 74 बोरी खाद जब्त

UNITED NEWS OF ASIA. मनोहर अगग्रवल, रायगढ़ l रायगढ़ जिले में किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने कालाबाजारी करने वाले व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण और निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में लैलूंगा विकासखंड में की गई एक कार्रवाई ने खाद की कालाबाजारी के बड़े मामले का खुलासा कर दिया।

जानकारी के अनुसार उप संचालक कृषि स्वयं किसान बनकर खाद खरीदने के लिए एक दुकान पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सामान्य किसान की तरह खाद की कीमत और उपलब्धता की जानकारी ली। जांच में सामने आया कि सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) खाद, जिसकी वास्तविक कीमत लगभग 750 रुपये प्रति बोरी है, उसे किसानों को 1800 रुपये प्रति बोरी में बेचा जा रहा था। इस प्रकार प्रत्येक बोरी पर किसानों से एक हजार रुपये से अधिक की अतिरिक्त राशि वसूली जा रही थी।

शिकायत की पुष्टि होते ही कृषि विभाग और प्रशासन की टीम ने तत्काल कार्रवाई की। लैलूंगा स्थित मां दुर्गा ट्रेडर्स के गोदाम को सील कर दिया गया और वहां रखी 74 बोरी खाद जब्त कर ली गई। जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर दुकान के खाद विक्रय पर 10 दिनों का प्रतिबंध भी लगाया गया है। साथ ही दुकान संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खरीफ सीजन को देखते हुए कलेक्टर ने कृषि विभाग को निर्देश दिए हैं कि जिले में खाद की कृत्रिम कमी नहीं होने दी जाए और किसानों को निर्धारित दर पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक मूल्य वसूली जैसी गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

जिला प्रशासन राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप खाद वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि किसानों को खाद के लिए अनावश्यक परेशान न होना पड़े और कोई व्यापारी उनकी मजबूरी का फायदा न उठा सके, इसके लिए नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं।

उप संचालक कृषि ने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिले के विभिन्न विकासखंडों में खाद, बीज और अन्य कृषि आदानों के भंडारण एवं विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करता पाया गया या कृत्रिम अभाव पैदा करने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के दौरान उर्वरक निरीक्षक पवन उरांव, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी फुलेश्वर पैकरा सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने किसानों से भी अपील की है कि यदि कहीं खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक मूल्य वसूली की जानकारी मिले तो तत्काल इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ समय रहते सख्त कार्रवाई की जा सके।