महिला एवं बाल विकास विभाग में साड़ी वितरण पर विवाद, कांग्रेस ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े पर साधा निशाना

छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वितरित साड़ियों को लेकर विवाद गहराया है। कांग्रेस ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है।

Apr 14, 2026 - 14:05
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महिला एवं बाल विकास विभाग में साड़ी वितरण पर विवाद, कांग्रेस ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े पर साधा निशाना

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l  छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ा साड़ी वितरण मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार और विभागीय मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता वंदना ठाकुर ने कहा कि यह मामला केवल साड़ी वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करता है।

कांग्रेस ने सीधे तौर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को निशाने पर लेते हुए कहा कि वे अपने विभाग में हुए कथित घोटाले की जिम्मेदारी से बच नहीं सकतीं। वंदना ठाकुर ने कहा कि मंत्री द्वारा दिया गया बयान आपत्तिजनक है और यह उनकी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश को दर्शाता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को जो साड़ियां वितरित की गईं, वे निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थीं। जहां साड़ियों की लंबाई 6.3 मीटर होनी चाहिए थी, वहीं कई जगह 5 मीटर या उससे भी कम लंबाई की साड़ियां वितरित की गईं। इसके अलावा साड़ियों की गुणवत्ता भी बेहद खराब बताई जा रही है, जिससे महिलाएं उनका उपयोग करने में असमर्थ हैं।

कांग्रेस का दावा है कि जिन साड़ियों को स्थानीय हथकरघा बुनकरों से लगभग 500 रुपये में खरीदा जा सकता था, उन्हें गुजरात से मात्र 100 रुपये में खरीदकर 500 रुपये की बिलिंग की गई। इसे उन्होंने स्पष्ट रूप से वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार का उदाहरण बताया।

वंदना ठाकुर ने कहा कि यह पहला मामला नहीं है, बल्कि महिला एवं बाल विकास विभाग में पहले भी कई अनियमितताएं सामने आ चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण सामग्री की खरीद, सामूहिक कन्या विवाह योजना और अन्य योजनाओं में भी नियमों की अनदेखी कर भ्रष्टाचार किया गया है।

कांग्रेस ने मांग की है कि घटिया और कम गुणवत्ता वाली साड़ियों को तुरंत वापस लिया जाए और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बेहतर गुणवत्ता की साड़ियां प्रदान की जाएं। साथ ही इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

वंदना ठाकुर ने कहा कि जब विभाग में बार-बार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, तो मंत्री को अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक महिला मंत्री के नेतृत्व में महिलाओं के साथ इस तरह का व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

इस मामले ने राज्य की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है और आने वाले दिनों में इस पर और तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। यह मुद्दा न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता, बल्कि महिला कल्याण योजनाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़ा करता है।