नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कांग्रेस का बयान, वंदना राजपूत ने भाजपा पर साधा निशाना

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को भाजपा की राजनीतिक मजबूरी बताया है। प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि महिलाओं के आरक्षण की नींव कांग्रेस की यूपीए सरकार ने रखी थी।

Apr 14, 2026 - 14:03
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नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कांग्रेस का बयान, वंदना राजपूत ने भाजपा पर साधा निशाना

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l  नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता वंदना राजपूत ने इस अधिनियम को भाजपा की राजनीतिक मजबूरी बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

वंदना राजपूत ने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में मजबूत नींव कांग्रेस की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार ने रखी थी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी महिलाओं को आरक्षण दिलाने के लिए प्रतिबद्ध थीं और उनके नेतृत्व में महिला आरक्षण विधेयक को राज्यसभा में प्रस्तुत किया गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने इस विधेयक का विरोध किया था। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यसभा में पारित विधेयक समाप्त नहीं होता, इसलिए महिला आरक्षण का मुद्दा लगातार जीवित रहा और आज उसी का परिणाम है कि केंद्र सरकार को इस दिशा में कदम उठाना पड़ रहा है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान में यदि भाजपा सरकार महिलाओं को आरक्षण देने की बात कर रही है, तो इसका श्रेय कांग्रेस के पूर्व प्रयासों को जाता है। उन्होंने भाजपा को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा से जुड़ा बताते हुए आरोप लगाया कि उस विचारधारा में महिलाओं को बराबरी का दर्जा नहीं दिया जाता।

वंदना राजपूत ने पंचायत और स्थानीय निकायों में महिलाओं को मिले आरक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भी कांग्रेस सरकारों की देन है। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 1989 में पंचायतों और नगरपालिकाओं में महिलाओं के आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश किया था। हालांकि वह विधेयक उस समय राज्यसभा में पारित नहीं हो सका, लेकिन बाद में 1993 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिम्हा राव के नेतृत्व में इसे दोबारा पेश किया गया और यह कानून बन गया।

उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं के लिए संसद और विधानसभाओं में आरक्षण के लिए पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में भी प्रयास किए गए और 9 मार्च 2010 को यह विधेयक राज्यसभा में पारित हुआ।

कांग्रेस प्रवक्ता के अनुसार, आज देशभर में पंचायतों और नगरपालिकाओं में 15 लाख से अधिक महिला जनप्रतिनिधि कार्यरत हैं, जो कांग्रेस की नीतियों और प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से मानती रही है कि देश की आधी आबादी को उनका पूरा अधिकार मिलना चाहिए और महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किया जाना चाहिए।

अंत में वंदना राजपूत ने कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस का रुख हमेशा स्पष्ट और सकारात्मक रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस विषय पर गंभीरता से काम करेगी और महिलाओं को राजनीति में समान भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाएगी।