कबीरधाम में 97% मजदूरों का ई-केवाईसी पूरा, अब फेस स्कैन से दर्ज होगी उपस्थिति
कबीरधाम जिले में 97% मनरेगा श्रमिकों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। अब एनएमएमएस ऐप के जरिए फेस स्कैन से उपस्थिति दर्ज होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा । कबीरधाम जिले में ग्रामीण रोजगार योजनाओं को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। महात्मा गांधी नरेगा के स्थान पर लागू होने जा रही “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबीजी राम जी योजना)” के तहत अब श्रमिकों की उपस्थिति फेस स्कैन तकनीक के माध्यम से दर्ज की जाएगी।
इस नई व्यवस्था के तहत एनएमएमएस (नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम) ऐप का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें श्रमिकों की उपस्थिति फेस रीडिंग के जरिए दर्ज की जाती है। यह तकनीक श्रमिकों के चेहरे को उनके आधार डेटा से मिलाकर उनकी वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करती है, जिससे फर्जी हाजिरी और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल 3,64,960 पंजीकृत सक्रिय श्रमिक हैं, जिनमें से अब तक 3,52,858 श्रमिकों का ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है। यानी लगभग 97 प्रतिशत श्रमिकों ने अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली है। शेष 12,102 श्रमिकों को जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने अपील करते हुए कहा कि जिन श्रमिकों का ई-केवाईसी अभी तक नहीं हुआ है, वे अपने ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक या सचिव से संपर्क कर इसे अनिवार्य रूप से पूर्ण कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन श्रमिकों का ई-केवाईसी पूरा नहीं होगा, उन्हें नई योजना के तहत रोजगार प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि मैदानी स्तर पर कर्मचारी घर-घर जाकर और निर्माण स्थलों पर पहुंचकर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रमिक पंचायत भवन या चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान भी अपना ई-केवाईसी आसानी से करा सकते हैं।
एनएमएमएस ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की यह प्रणाली न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगी, बल्कि यह सुनिश्चित करेगी कि सही व्यक्ति ही कार्यस्थल पर मौजूद है। इस तकनीक के माध्यम से श्रमिकों की रियल-टाइम लोकेशन और उपस्थिति दर्ज की जाती है, जिससे कार्यों की निगरानी भी आसान हो जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह डिजिटल पहल ग्रामीण रोजगार योजनाओं में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा, बल्कि योजनाओं का लाभ सही पात्र लोगों तक पहुंच सकेगा।
उल्लेखनीय है कि जिले के सभी ग्राम पंचायतों में एनएमएमएस के जरिए ऑनलाइन अटेंडेंस की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। अब शेष बचे श्रमिकों को भी जल्द से जल्द ई-केवाईसी पूर्ण कर योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, कबीरधाम जिले में डिजिटल तकनीक के माध्यम से रोजगार योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक सराहनीय पहल मानी जा रही है।