बेमेतरा में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन में बड़ी अनियमितता उजागर, दो राइस मिलों से हजारों क्विंटल धान गायब

बेमेतरा जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के दौरान बड़ी अनियमितता सामने आई है। संयुक्त जांच में दो राइस मिलों में हजारों क्विंटल धान की कमी पाई गई, जिस पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

Jan 22, 2026 - 15:30
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बेमेतरा में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन में बड़ी अनियमितता उजागर, दो राइस मिलों से हजारों क्विंटल धान गायब

UNITED NEWS OF ASIA.अरुण पुरेना बेमेतरा | खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से बेमेतरा जिला प्रशासन द्वारा की गई सख्त कार्रवाई में बड़ी अनियमितता उजागर हुई है। कलेक्टर बेमेतरा के निर्देशानुसार खाद्य विभाग, राजस्व विभाग एवं कृषि उपज मंडी समिति के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने जिले की विभिन्न राइस मिलों का आकस्मिक निरीक्षण किया, जिसमें दो राइस मिलों में हजारों क्विंटल धान के गायब होने का मामला सामने आया।

संयुक्त जांच दल द्वारा प्रस्तुत तथ्यात्मक प्रतिवेदन के अनुसार विकासखंड बेरला अंतर्गत ग्राम अकोली स्थित मेसर्स डुमरी एग्रोटेक राइस मिल में गंभीर गड़बड़ी पाई गई। भौतिक सत्यापन एवं अभिलेखीय मिलान के दौरान मिल परिसर में कुल 13,014.94 क्विंटल धान की कमी पाई गई। यह कमी दस्तावेजों में दर्शाए गए स्टॉक से स्पष्ट रूप से मेल नहीं खा रही थी, जिससे बड़े स्तर पर अनियमितता की पुष्टि हुई।

इसी प्रकार आनंदगांव (भिंभौरी) स्थित  बालाजी राइस मिल में भी गंभीर लापरवाही और अनियमितता सामने आई। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत इस मिल द्वारा कुल 11,600 कट्टा, अर्थात लगभग 4,480 क्विंटल धान का उठाव दर्शाया गया था। लेकिन निरीक्षण के दौरान मिल परिसर में मात्र 180 क्विंटल धान ही भौतिक रूप से उपलब्ध पाया गया। शेष धान के संबंध में मिल प्रबंधन द्वारा कोई भी संतोषजनक दस्तावेज या अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

जिला प्रशासन ने इन दोनों मामलों को अत्यंत गंभीर मानते हुए छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश के प्रावधानों के तहत संबंधित राइस मिलों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन किसानों के हितों से जुड़ा विषय है और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार या गड़बड़ी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में जिले भर में धान उपार्जन से जुड़ी राइस मिलों एवं समितियों पर सघन निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। किसानों के हितों की रक्षा, शासन की विश्वसनीयता बनाए रखने और उपार्जन व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़ी और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।