घुमका नगर पंचायत चुनाव: प्रचार थमा, अब मतदाताओं के फैसले का इंतजार; विकास के मुद्दों पर कांग्रेस प्रत्याशी फूलमति वर्मा ने मांगा समर्थन

नवगठित नगर पंचायत घुमका में चुनाव प्रचार थम चुका है और अब सभी की निगाहें 1 जून को होने वाले मतदान पर टिकी हैं। भाजपा और कांग्रेस के बीच अध्यक्ष पद को लेकर सीधी टक्कर मानी जा रही है। कांग्रेस प्रत्याशी फूलमति वर्मा ने विकास, मूलभूत सुविधाओं और स्थानीय मुद्दों को लेकर जनता से समर्थन मांगा है।

Jun 1, 2026 - 12:00
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घुमका नगर पंचायत चुनाव: प्रचार थमा, अब मतदाताओं के फैसले का इंतजार; विकास के मुद्दों पर कांग्रेस प्रत्याशी फूलमति वर्मा ने मांगा समर्थन

UNITED  NEWS OF ASIA. मनोहर सेन l नवगठित नगर पंचायत घुमका में चुनावी प्रचार का शोर शनिवार शाम थम गया। इसके साथ ही अब पूरा ध्यान 1 जून को होने वाले मतदान पर केंद्रित हो गया है। पहली बार नगर पंचायत चुनाव होने के कारण क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और मतदाता अपने पहले नगर निकाय की सरकार चुनने के लिए तैयार हैं। चुनावी मुकाबले को लेकर नगर में कई दिनों से राजनीतिक सरगर्मियां तेज थीं, जो प्रचार समाप्त होने के साथ विराम पर पहुंच गई हैं।

नगर पंचायत घुमका के 15 वार्डों में चुनाव कराया जा रहा है। अध्यक्ष पद के लिए भाजपा ने किरण वर्मा को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने पूर्व सरपंच फूलमति वर्मा पर भरोसा जताया है। इसके अलावा आम आदमी पार्टी भी चुनावी मैदान में मौजूद है, हालांकि मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। राजनीतिक जानकार इस चुनाव को कांटे की टक्कर वाला मुकाबला बता रहे हैं।

चुनाव के अंतिम चरण में दोनों प्रमुख दलों ने पूरी ताकत झोंक दी थी। प्रदेश स्तर के नेताओं के लगातार दौरे और जनसभाओं ने चुनावी माहौल को और अधिक गर्मा दिया। प्रचार के अंतिम दिन कांग्रेस ने नगर में विशाल रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया और मतदाताओं से समर्थन की अपील की।

कांग्रेस प्रत्याशी फूलमति वर्मा ने कहा कि उन्होंने सरपंच रहते हुए क्षेत्र के विकास के लिए लगातार काम किया है और यदि जनता उन्हें नगर पंचायत अध्यक्ष चुनती है तो वे उसी समर्पण और जिम्मेदारी के साथ घुमका के विकास को नई दिशा देने का प्रयास करेंगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय समस्याओं का समाधान, मूलभूत सुविधाओं का विस्तार और अधूरे विकास कार्यों को पूरा करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

फूलमति वर्मा ने प्रचार के दौरान महंगाई, किसानों की समस्याओं और स्थानीय विकास कार्यों को प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने दावा किया कि घुमका को उप तहसील से पूर्ण तहसील का दर्जा दिलाने, नगर पंचायत गठन की घोषणा करने, आत्मानंद स्कूल स्थापित करने तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने में कांग्रेस सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घुमका-गोपालपुर मार्ग के प्रस्तावित चौड़ीकरण कार्य को वर्तमान सरकार द्वारा आगे नहीं बढ़ाया गया।

कांग्रेस की अंतिम रैली में विधायक हर्षिता स्वामी बघेल, भुनेश्वर बघेल, पदम कोठारी, जितेंद्र मुदलियार, आकाश शर्मा सहित कई वरिष्ठ एवं युवा नेता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने घर-घर पहुंचकर मतदाताओं से कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील की।

अब प्रचार समाप्त होने के बाद चुनावी गतिविधियां शांत हो गई हैं और सभी की निगाहें मतदान दिवस पर टिक गई हैं। नगर पंचायत घुमका के पहले चुनाव में मतदाता किसे अपना विश्वास सौंपते हैं, इसका फैसला जल्द ही मतपेटियों में बंद मतों के जरिए सामने आएगा। चुनाव परिणाम न केवल नगर पंचायत की पहली सरकार तय करेंगे, बल्कि आने वाले वर्षों में घुमका के विकास की दिशा भी निर्धारित करेंगे।