दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई: फर्जी सिम कार्ड बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग जिले के थाना नेवई पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड के जरिए अवैध आर्थिक लेन-देन और साइबर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से मोबाइल फोन जब्त किए हैं। आरोपी दूसरों के नाम पर सिम जारी करवाकर कमीशन के बदले बेचते थे। मामले में एक आरोपी अब भी फरार है।

May 7, 2026 - 16:44
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दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई: फर्जी सिम कार्ड बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. भारती दुर्ग l छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड के जरिए संगठित साइबर धोखाधड़ी और अवैध आर्थिक लेन-देन करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। थाना नेवई पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार बताया जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर अपराध से जुड़े नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के मुताबिक, रिसाली निवासी आयुष ताम्रकार ने थाना नेवई में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके परिचित ने भरोसे में लेकर उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल किया और उनके नाम पर सिम कार्ड जारी करवा लिया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सिम वापस करने के बजाय उसे दूसरे लोगों को बेच दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन मुख्य आरोपी टी. भार्गव राव कर रहा था। आरोपी अलग-अलग लोगों को झांसा देकर उनके दस्तावेजों के जरिए सिम कार्ड जारी करवाता था। इसके बाद वह इन सिम कार्डों को अपने सहयोगियों ज्ञानेश मंडावी, हर्षित साहू और दीपक प्रजापति को कमीशन के आधार पर बेच देता था। आरोपियों द्वारा इन सिम कार्डों का उपयोग संदिग्ध आर्थिक लेन-देन और साइबर अपराधों में किया जा रहा था।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब जब्त मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन सिम कार्डों का इस्तेमाल किन-किन आपराधिक गतिविधियों में किया गया।

मामले में एक अन्य आरोपी फैजान कुरैशी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि गिरोह के तार अन्य साइबर अपराधियों से भी जुड़े हो सकते हैं, इसलिए मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

दुर्ग ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि वर्तमान समय में फर्जी सिम कार्ड के जरिए साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अपराधी भोले-भाले लोगों को लालच या झांसे में लेकर उनके दस्तावेज हासिल कर लेते हैं और फिर उनके नाम पर सिम कार्ड निकालकर अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल करते हैं। ऐसे मामलों में निर्दोष लोगों को भी कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य निजी दस्तावेज किसी भी अनजान व्यक्ति को न दें। साथ ही अपने नाम पर जारी मोबाइल नंबरों की समय-समय पर जांच करते रहें। यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

दुर्ग पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है, ताकि भविष्य में इस तरह के अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।