डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर बच्चों को पुस्तकें वितरित, शिक्षा के महत्व का दिया संदेश

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर रायपुर के अर्जुन नगर में पूर्व प्रदेश मंत्री किशोर महानंद ने बच्चों को कॉपी और पुस्तकें वितरित कीं। इस दौरान शिक्षा के महत्व और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया गया।

Jul 7, 2026 - 11:40
 0  3
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर बच्चों को पुस्तकें वितरित, शिक्षा के महत्व का दिया संदेश

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर के अर्जुन नगर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर शिक्षा को समर्पित एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत पूर्व प्रदेश मंत्री किशोर महानंद ने क्षेत्र के बच्चों को कॉपियां और पुस्तकें वितरित कर उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक होने तथा अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक रूप से जरूरतमंद बच्चों तक शैक्षणिक सामग्री पहुंचाकर उन्हें पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना था। बड़ी संख्या में स्थानीय बच्चे और उनके अभिभावक इस आयोजन में शामिल हुए। बच्चों ने उत्साहपूर्वक पुस्तकें और कॉपियां प्राप्त कीं तथा इस पहल के लिए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर किशोर महानंद ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रसेवा, शिक्षा और सामाजिक उत्थान का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने अपने विचारों और कार्यों से देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा दी। उनका मानना था कि शिक्षित समाज ही मजबूत और विकसित राष्ट्र की आधारशिला बन सकता है।

उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक बच्चा शिक्षित होगा तो देश का भविष्य भी मजबूत होगा। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए बच्चों को शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई है, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़ाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित होते रहेंगे, जिससे जरूरतमंद विद्यार्थियों को लाभ मिल सके।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का पालन करने का संदेश भी दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं बल्कि बेहतर नागरिक बनने का सबसे प्रभावी रास्ता है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों को अपनाकर युवा समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

अर्जुन नगर में आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षा, संस्कार और राष्ट्रभक्ति के संदेश के साथ संपन्न हुआ। स्थानीय नागरिकों ने इसे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली पहल बताते हुए ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया।