डोंगरगढ़ में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, हैदराबाद ले जाकर किया शोषण

छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पीड़िता को बहला-फुसलाकर हैदराबाद ले जाकर कई बार शोषण किया। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया है।

Mar 26, 2026 - 11:50
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डोंगरगढ़ में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, हैदराबाद ले जाकर किया शोषण

UNITED NEWS OF ASIA. नेमिश अग्रवाल, डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान 20 वर्षीय शरद लाऊट्रे के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि उसने सितंबर 2025 में नाबालिग पीड़िता को अपने झांसे में लेकर घर से भगा लिया था। इसके बाद वह उसे अपने साथ हैदराबाद ले गया, जहां उसने कई बार उसके साथ शारीरिक शोषण किया। पीड़िता इस दौरान लंबे समय तक आरोपी के साथ रही और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना झेलती रही।

घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता फरवरी 2026 में किसी तरह अपने घर लौटने में सफल रही। घर लौटने के बाद उसने अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। परिजनों ने बिना देर किए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना डोंगरगढ़ में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 64(2)(m) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 एवं 6 के तहत अपराध दर्ज किया गया।

मामले की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर थाना प्रभारी संतोष जायसवाल के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की।

लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को दोपहर लगभग 2:30 बजे आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक रामेश्वरी बघेल सहित पूरी पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस की तत्परता और सक्रियता की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है, क्योंकि इस तरह के मामलों में त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी होती है।

यह घटना एक बार फिर समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता कितनी आवश्यक है। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें। 

पुलिस ने भी आम नागरिकों से अपील की है कि वे जागरूक रहें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। साथ ही, ऐसे मामलों में पीड़ितों को सामने आने और न्याय दिलाने के लिए प्रोत्साहित करना भी समाज की जिम्मेदारी है।

फिलहाल, पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है और यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या इस अपराध में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। इस मामले से जुड़े हर अपडेट के लिए जुड़े रहें।