कार्यक्रम की शुरुआत अमर वीरों के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान कमांडेंट श्री दीपक कुमार श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एस.जी./कमांडेंट) श्री सुमित सहगल, द्वितीय-इन-कमांड श्री दिनेश कुमार, डिप्टी कमांडेंट श्री अजय प्रताप सिंह तथा असिस्टेंट कमांडेंट श्री राकेश लांबा सहित अन्य अधिकारियों और जवानों ने वीर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उपस्थित सभी जवानों ने दो मिनट का मौन रखकर देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीरों को याद किया।
इसके पश्चात कमांडेंट द्वारा क्वार्टर गार्ड पर गार्ड ऑफ ऑनर लिया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और समर्पण की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी। जवानों की सजी-धजी टुकड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बल की पेशेवर क्षमता और अनुशासन का परिचय दिया।
अपने संबोधन में कमांडेंट दीपक कुमार श्रीवास्तव ने CRPF के गौरवशाली इतिहास और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 87 वर्षों की इस यात्रा में CRPF ने देश की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों में जवानों की बहादुरी और सफलता का उल्लेख किया।
कमांडेंट ने जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी CRPF के जवान अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और साहस के साथ कर रहे हैं। उन्होंने जवानों से इसी समर्पण और अनुशासन के साथ आगे भी देश सेवा में जुटे रहने का आह्वान किया।
इस अवसर पर किष्टाराम, गोल्लापल्ली और पामेड़ जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात बटालियन के विभिन्न शिविरों के जवानों ने खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से जवानों के बीच आपसी समन्वय और मनोबल को मजबूत करने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। जवानों ने देशभक्ति से ओतप्रोत गीत, नृत्य और अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने जज्बे और प्रतिभा का प्रदर्शन किया। खेल प्रतियोगिताओं में भी जवानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम के समापन पर शाम के समय बटालियन मुख्यालय एवं सभी कैंपों में ‘बड़ा खाना’ का आयोजन किया गया। इस सामूहिक भोज में अधिकारियों और जवानों ने एक साथ बैठकर भोजन किया, जिससे आपसी भाईचारे और एकता की भावना को और मजबूती मिली।
यह आयोजन न केवल CRPF के गौरवशाली इतिहास को याद करने का अवसर था, बल्कि जवानों के मनोबल को बढ़ाने और उनके बीच एकजुटता को सुदृढ़ करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम साबित हुआ। दंतेवाड़ा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस प्रकार के आयोजन सुरक्षा बलों के आत्मविश्वास और समर्पण को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।