डोंगरगढ़ मंदिर मेले में हंगामा करने वाले 3 असामाजिक तत्वों पर पुलिस की सख्त कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में मंदिर मेला देखने आए श्रद्धालुओं से विवाद और हंगामा करने वाले तीन असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। आरोपियों को गिरफ्तार कर एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया है।

Mar 26, 2026 - 11:59
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डोंगरगढ़ मंदिर मेले में हंगामा करने वाले 3 असामाजिक तत्वों पर पुलिस की सख्त कार्रवाई

UNITED NEWS OF ASIA. नेमिश अग्रवाल, डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव में आयोजित मंदिर मेले के दौरान शांति भंग करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। मेला देखने आए श्रद्धालुओं से वाद-विवाद, हंगामा और मारपीट की कोशिश करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।

पुलिस के अनुसार, घटना 25 मार्च की है जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन और मेला देखने पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने वहां मौजूद दर्शार्थियों के साथ विवाद शुरू कर दिया। आरोपियों ने न केवल हंगामा किया बल्कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हुए मारपीट पर भी उतारू हो गए। इस स्थिति से वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया और श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ा।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में थाना प्रभारी संतोष जायसवाल की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इतवारी गोंड (35 वर्ष) और विष्णु गोंड (25 वर्ष), दोनों निवासी पथराटोला गाजमर्रा, तथा निकेतन गजभिए (26 वर्ष), निवासी कालकापारा वार्ड क्रमांक 10, डोंगरगढ़ के रूप में हुई है। इन सभी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170, 126 और 135(3) के तहत कार्रवाई की गई है।

पुलिस ने आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर एसडीएम कोर्ट में पेश किया, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना है, विशेषकर ऐसे आयोजनों के दौरान जहां बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं।

डोंगरगढ़ धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से एक महत्वपूर्ण स्थल है, जहां सालभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या असामाजिक गतिविधि न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को प्रभावित करती है, बल्कि क्षेत्र की कानून व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन सकती है। यही कारण है कि पुलिस प्रशासन इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई कर रहा है।

पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि थाना क्षेत्र में लगातार गश्त, नाकाबंदी और सघन जांच अभियान जारी रहेगा। किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि ऐसे सख्त कदमों से ही सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा और शांति सुनिश्चित की जा सकती है।

फिलहाल, पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।