धमतरी हत्या कांड: दो आरोपियों को आजीवन कारावास, पुलिस की मजबूत विवेचना से मिला न्याय

धमतरी में युवक की हत्या के मामले में न्यायालय ने दो आरोपियों को आजीवन सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सशक्त विवेचना के आधार पर आरोपियों को दोषी ठहराया गया।

Jul 22, 2026 - 12:59
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धमतरी हत्या कांड: दो आरोपियों को आजीवन कारावास, पुलिस की मजबूत विवेचना से मिला न्याय

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l धमतरी में हत्या के एक चर्चित मामले में न्यायालय ने दो आरोपियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला धमतरी पुलिस की त्वरित कार्रवाई, निष्पक्ष विवेचना और सशक्त साक्ष्य प्रस्तुत करने के आधार पर आया है। न्यायालय ने दोनों दोषियों पर 500-500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस निर्णय को गंभीर अपराधों के विरुद्ध प्रभावी पुलिस कार्रवाई का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

यह मामला 31 जनवरी 2025 की रात का है। शंकर ढीमर अपने साथी रितेश पेंडरिया के साथ मराठापारा स्थित एक छठी कार्यक्रम में भोजन करने गया था। कार्यक्रम से लौटने के बाद दोनों मराठा मंगल भवन के पास पीपल के पेड़ के नीचे बैठे थे। इसी दौरान मोनू उर्फ कुई ध्रुव और जन्मदेव सोरी वहां पहुंचे। पुराने विवाद को लेकर दोनों ने शंकर पर चाकू से सीने, पेट और जांघ पर कई वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल शंकर को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि घटना से कुछ दिन पहले मृतक और आरोपियों के बीच साइकिल को लेकर विवाद हुआ था। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने हत्या की योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 351(2) तथा धारा 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। वैज्ञानिक साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य महत्वपूर्ण प्रमाणों को समयबद्ध तरीके से एकत्रित कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य पेश किए, जिसके आधार पर न्यायालय ने मोनू उर्फ कुई ध्रुव और जन्मदेव सोरी को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 500-500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। न्यायालय ने विचारण अवधि के 529 दिनों का समायोजन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 468 के अंतर्गत प्रदान किया।

इस प्रकरण में प्रभावी विवेचना करने वाले तत्कालीन विवेचना अधिकारी राजेश मरई की भूमिका की भी सराहना की गई है। पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने घोषणा की है कि उत्कृष्ट विवेचना और अपराधियों को कठोर दंड दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान के लिए राजेश मरई को विभाग की ओर से सम्मानित किया जाएगा।

धमतरी पुलिस ने कहा है कि गंभीर अपराधों के मामलों में त्वरित कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और प्रभावी अभियोजन उनकी प्राथमिकता है। पुलिस का उद्देश्य अपराधियों को कानून के दायरे में लाकर उन्हें न्यायालय से कठोर सजा दिलाना है, ताकि समाज में कानून का राज कायम रहे और आम नागरिकों का विश्वास न्याय व्यवस्था पर बना रहे।