बैकुंठपुर वनमंडल में साही का अवैध शिकार, तीन आरोपी गिरफ्तार

बैकुंठपुर वनमंडल में साही का अवैध शिकार करने वाले तीन आरोपियों को वन विभाग ने गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से शिकार में उपयोग किए गए जाल, फावड़ा, धारदार हथियार और साही मांस जब्त किया गया।

Dec 7, 2025 - 18:18
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बैकुंठपुर वनमंडल में साही का अवैध शिकार, तीन आरोपी गिरफ्तार

 UNITED NEWS OF ASIA. प्रदीप पाटकर, कोरिया | कोबैकुंठपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बैकुंठपुर ने वन्यप्राणी साही (Porcupine) के अवैध शिकार में संलिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई 04 दिसंबर 2025 को प्राप्त सूचना के आधार पर वन मंडल बैकुंठपुर की टीम द्वारा की गई।

वन विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि वन क्षेत्र में गश्त के दौरान साही का पीछा कर उसे जाल में फंसाकर अवैध शिकार किया जा रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। आरोपियों की पहचान रामलाल आ. मोहरसाय (उम्र 29 वर्ष, निवासी नानभान), सुशील कुमार आ. हीरालाल (उम्र 26 वर्ष, निवासी नानभान) और देवलल आ. अमरसाय (उम्र 32 वर्ष, निवासी नानभान) के रूप में हुई।

गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से शिकार में उपयोग किए गए जाल, फावड़ा, धारदार हथियार, कुल्हाड़ी, हांडी बर्तन और साही मांस के अवशेष बरामद किए गए। वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 50, 51 एवं बी.एन.एस.एस. की धारा 35 के तहत अपराध क्र. 1765/17 दर्ज किया और उन्हें न्यायिक रिमांड पर जिला जेल बैकुंठपुर भेज दिया।

इस कार्रवाई में परिक्षेत्राधिकारी बैकुंठपुर राम खरे, वनपाल श्रीमद्देवी पैकरा, वनरक्षक मनोज एक्का, दुष्यंत सिंह, राकेश कुमार पाण्डेय, अमोलसाय, सुमेश्वर राजवाड़े, भूपेन्द्रकुमार गेमगार्ड और वन्यजीव ट्रैकरों की टीम का विशेष योगदान रहा। कार्यवाही वनमंडलाधिकारी कोरिया और उपवनमंडलाधिकारी बैकुंठपुर के निर्देशन में संपन्न हुई।

उप वनमंडलाधिकारी बैकुंठपुर ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को वन प्राणियों पर अत्याचार, उत्पीड़न या अवैध शिकार की सूचना प्राप्त होती है, तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें। इससे त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी और वन्य जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

यह कार्रवाई वन विभाग की सक्रियता और वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का स्पष्ट उदाहरण है। वन्य प्राणियों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के लिए समाज का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार की कार्रवाईयों से न केवल अपराधियों को दंडित किया जाता है, बल्कि वन्य जीवों के प्रति लोगों में जागरूकता भी बढ़ती है।