अवैध धान भंडारण रोकने अभियान जारी, कलेक्टर गोपाल वर्मा ने दिए सख्त निर्देश

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने अवैध धान भंडारण रोकने और पारदर्शी खरीदी सुनिश्चित करने के लिए नोडल अधिकारियों और समिति प्रबंधकों को सख्त निर्देश दिए। गेट पास ऐप में वाहनों की फोटो अपलोड अनिवार्य और शत प्रतिशत रकबा समर्पण पर जोर।

Dec 7, 2025 - 18:23
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अवैध धान भंडारण रोकने अभियान जारी, कलेक्टर गोपाल वर्मा ने दिए सख्त निर्देश

 UNITED  NEWS OF ASIA. कवर्धा। जिले में धान खरीदी के सुचारू संचालन और अवैध धान भंडारण रोकने के लिए कलेक्टर  गोपाल वर्मा ने नोडल अधिकारियों और समिति प्रबंधकों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने किसानों के छूटे हुए खसरों की एग्रीस्टेक में लिंकिंग जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। सभी संबंधित विभागों को इस कार्य के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। समिति स्तर पर हेल्प डेस्क के माध्यम से किसानों की खसरा लिंकिंग की मॉनिटरिंग नोडल ऑफिसर करेंगे।

कलेक्टर  वर्मा ने गेट पास ऐप में किसानों के वाहनों की फोटो अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन धान बेचने आने वाले किसानों के वाहन की फोटो तत्काल खींचकर ऑनलाइन अपलोड करना होगा। किसी भी प्रकार की लापरवाही इस प्रक्रिया में स्वीकार्य नहीं होगी, क्योंकि यह पारदर्शी खरीदी व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण चरण है।

बैठक में संयुक्त कलेक्टर आर. बी. देवांगन, डिप्टी कलेक्टर  रुचि शार्दूल, खाद्य अधिकारी  सचिन मरकाम, डीएमओ  अभिषेक मिश्रा, सहायक खाद्य अधिकारी  मदन मोहन साहू एवं विभागीय अधिकारी और समितियों के नोडल ऑफिसर्स उपस्थित थे।

कलेक्टर ने शत प्रतिशत रकबा समर्पण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे किसान जिनकी फसल नहीं हुई, उन्हें शत प्रतिशत रकबा समर्पित करने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही जिन किसानों ने आंशिक धान बेच दिया है, उनके बचे हुए रकबा को भी समर्पित कराने का प्रयास किया जाए।

संदिग्ध वाहनों और कोचियों/व्यापारिक प्रतिष्ठानों में अवैध धान भंडारण की जानकारी मिलने पर तत्काल सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि अवैध धान के आवक को रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दिशा में सभी नोडल ऑफिसर्स को सतर्क रहने और नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया।

इस पहल से जिले में धान खरीदी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगी, किसानों को उचित लाभ मिलेगा और अवैध धान भंडारण पर नियंत्रण सुनिश्चित होगा।