बिजली दरों में बढ़ोतरी पर कांग्रेस का विरोध, संगीता सिन्हा ने फैसला वापस लेने की मांग उठाई

छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया है। मोहला-मानपुर-चौकी में आयोजित प्रेसवार्ता में संगीता सिन्हा ने बढ़ी हुई दरों को वापस लेने और स्मार्ट मीटर योजना पर पुनर्विचार की मांग की।

Jun 19, 2026 - 10:54
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बिजली दरों में बढ़ोतरी पर कांग्रेस का विरोध, संगीता सिन्हा ने फैसला वापस लेने की मांग उठाई

UNITED NEWS OF ASIA. जावेद खान, मानपुर l छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार के फैसले का विरोध करते हुए इसे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला कदम बताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर सीधा असर पड़ेगा।

इसी मुद्दे को लेकर प्रदेश कांग्रेस द्वारा नियुक्त प्रभारी विधायक एवं प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष संगीता सिन्हा ने मोहला-मानपुर-चौकी जिले में विधायक निवास पर आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित किया। उन्होंने बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और कांग्रेस का पक्ष रखा।

प्रेसवार्ता में संगीता सिन्हा ने कहा कि महंगाई पहले से ही लोगों की घरेलू अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही है। ऐसे समय में बिजली दरों में वृद्धि आम उपभोक्ताओं के लिए अतिरिक्त परेशानी का कारण बनेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार बिजली दरों में वृद्धि कर रही है, जिससे आम नागरिकों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि बिजली बिल में बार-बार की जा रही बढ़ोतरी से जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। साथ ही किसानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र भी इससे प्रभावित होगा और किसानों की लागत बढ़ सकती है। उनके अनुसार सरकार को ऐसे फैसलों पर पुनर्विचार करना चाहिए जो सीधे आम लोगों और अन्नदाताओं को प्रभावित करते हैं।

संगीता सिन्हा ने कांग्रेस शासनकाल का हवाला देते हुए कहा कि उस दौरान बिजली दरों में सीमित बढ़ोतरी की गई थी और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए 400 यूनिट बिजली हाफ योजना जैसी योजनाएं लागू थीं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने वाली नीतियों पर अधिक ध्यान दिया था।

प्रेसवार्ता के दौरान स्मार्ट मीटर का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संगीता सिन्हा ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों से स्मार्ट मीटरों को लेकर शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि उनकी वास्तविक खपत की तुलना में अधिक यूनिट दर्ज की जा रही है, जिससे बिजली बिल बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय पर व्यापक जांच कराई जानी चाहिए ताकि उपभोक्ताओं की आशंकाओं का समाधान हो सके।

उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों का हवाला देते हुए छत्तीसगढ़ में भी इस व्यवस्था की समीक्षा की जानी चाहिए। कांग्रेस ने राज्य सरकार से स्मार्ट मीटर योजना और बिजली दरों में वृद्धि दोनों पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में जनता को राहत देने की आवश्यकता है, जबकि बिजली दरों में वृद्धि से घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। पार्टी ने सरकार से आम उपभोक्ताओं के हित में बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने तथा जनता को राहत देने वाले कदम उठाने की मांग की है।