शराब की ओवररेटिंग और अवैध कारोबार पर कांग्रेस का हमला, जांच की मांग तेज
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश में शराब की कथित ओवररेटिंग, अवैध बिक्री और नकली शराब के मामलों को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य में शराब की कथित ओवररेटिंग, अवैध कारोबार और नकली शराब की बिक्री को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा है कि प्रदेश की जनता को इस विषय में स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने जारी बयान में कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में शराब निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बेचे जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उनका आरोप है कि कई ब्रांड की शराब पर प्रति बोतल अतिरिक्त राशि वसूली जा रही थी, जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कांग्रेस का कहना है कि शराब बिक्री से जुड़ी शिकायतों के सार्वजनिक होने और मीडिया में खबरें आने के बाद कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई की गई, लेकिन पूरे मामले की व्यापक जांच अब तक नहीं कराई गई है। पार्टी ने सवाल उठाया है कि यदि अनियमितताओं की पुष्टि हुई है तो पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी तय करने के लिए विस्तृत जांच क्यों नहीं कराई जा रही है।
सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि प्रदेश में शराब कारोबार से जुड़े विभिन्न मामलों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित अनियमितताओं के पीछे कौन लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी अवैध वसूली या नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस ने राज्य के विभिन्न जिलों में नकली और अवैध शराब से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया। पार्टी का दावा है कि अलग-अलग स्थानों पर नकली शराब, अवैध परिवहन और मिलावटी उत्पादों की शिकायतें सामने आई हैं। कांग्रेस का कहना है कि ऐसे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण और निगरानी की आवश्यकता है ताकि उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी शराब दुकानों के संचालन और निगरानी व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने की जरूरत है। कांग्रेस का कहना है कि शराब बिक्री से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना अनियमितताओं पर रोक लगाना कठिन होगा।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए भारतीय जनता पार्टी ने शराब नीति और शराबबंदी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था, लेकिन अब सरकार बनने के बाद इन विषयों पर अपेक्षित कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि जनता इस विषय पर स्पष्ट जवाब चाहती है।
कांग्रेस ने मांग की है कि शराब की ओवररेटिंग, नकली शराब, अवैध परिवहन और कथित अनियमितताओं से जुड़े सभी मामलों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। पार्टी का कहना है कि जांच के माध्यम से तथ्य सामने आने चाहिए और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि जनता का विश्वास बना रहे और व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।