देवरी पंचायत में कथित फर्जी NOC का मामला गरमाया, 5 अगस्त तक FIR नहीं हुई तो पंचायत में ताला लगाने की चेतावनी
तिल्दा-नेवरा के देवरी ग्राम पंचायत में कथित फर्जी NOC जारी करने के मामले में ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जांच रिपोर्ट आने के बावजूद अब तक FIR दर्ज नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन को 5 अगस्त तक कार्रवाई का अल्टीमेटम देते हुए पंचायत कार्यालय में ताला लगाने की चेतावनी दी है।
UNITED NEWS OF ASIA. अशोक मिश्रा, तिल्दा नेवरा l रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा से लगभग सात किलोमीटर दूर स्थित देवरी ग्राम पंचायत में प्रस्तावित उद्योग के लिए कथित रूप से फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन को 5 अगस्त 2026 तक नामजद FIR दर्ज करने का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि तय समय तक कार्रवाई नहीं होने पर ग्राम पंचायत कार्यालय में ताला लगाकर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत की सरपंच दिव्या राजा वर्मा और सचिव तेजराम वर्मा ने नियमों के विपरीत कथित रूप से फर्जी NOC जारी किया। इस संबंध में 6 अप्रैल 2026 को प्रशासन से शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद तत्कालीन एसडीएम आशुतोष देवांगन के निर्देश पर तहसीलदार राम प्रसाद बघेल और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रवि द्वारा मामले की जांच की गई।
ग्रामीणों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद 3 जुलाई 2026 को रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक संबंधित लोगों के खिलाफ कोई नामजद FIR दर्ज नहीं की गई। इससे ग्रामीणों में प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि 22 जून 2026 को थाना घेराव के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में तत्कालीन एसडीएम आशुतोष देवांगन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत शुक्ला ने कार्रवाई के लिए दो दिन का समय मांगा था। ग्रामीणों का आरोप है कि एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। इस बीच तत्कालीन एसडीएम का तबादला भी हो चुका है।
मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने एसडीएम, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि यदि 5 अगस्त तक कथित दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की जाती, तो ग्राम पंचायत कार्यालय में ताला लगाकर आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। उनका आरोप है कि जांच पूरी होने के बावजूद मामले को लंबित रखा जा रहा है, जिससे लोगों का प्रशासन पर विश्वास कमजोर हो रहा है।
अब पूरे मामले में प्रशासन और पुलिस की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यदि निर्धारित समय सीमा तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तो देवरी ग्राम पंचायत में आंदोलन तेज होने की संभावना है। यह मामला प्रशासनिक पारदर्शिता, पंचायत व्यवस्था और ग्रामीणों की शिकायतों के समाधान को लेकर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।