18 किमी भोरमदेव पदयात्रा का शुभारंभ, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा शिवभक्तों के साथ हुए शामिल

श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर कवर्धा से बाबा भोरमदेव मंदिर तक 18 किलोमीटर लंबी भोरमदेव पदयात्रा का शुभारंभ हुआ। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बूढ़ा महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर यात्रा को रवाना किया और स्वयं भी हजारों शिवभक्तों के साथ पदयात्रा में शामिल हुए।

Aug 3, 2026 - 12:38
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18 किमी भोरमदेव पदयात्रा का शुभारंभ, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा शिवभक्तों के साथ हुए शामिल

UNITED NEWS OF ASIA. श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर कवर्धा में आयोजित भव्य भोरमदेव पदयात्रा श्रद्धा, उत्साह और भक्ति के वातावरण के बीच प्रारंभ हुई। ऐतिहासिक, पुरातात्विक, पर्यटन और आस्था के प्रमुख केंद्र बाबा भोरमदेव मंदिर तक पहुंचने वाली लगभग 18 किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा का शुभारंभ पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर से हुआ। हजारों शिवभक्त "हर-हर महादेव", "बोल बम" और "जय भोलेनाथ" के जयघोष के साथ बाबा भोरमदेव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए रवाना हुए।

पदयात्रा का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना और अभिषेक कर किया। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और कल्याण की कामना करते हुए यात्रा को रवाना किया। शुभारंभ के बाद विजय शर्मा स्वयं भी श्रद्धालुओं के साथ पदयात्रा में शामिल हुए और शिवभक्तों के साथ यात्रा का हिस्सा बने।

इस धार्मिक यात्रा में कबीरधाम जिले के अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं के हाथों में भगवा ध्वज, कंधों पर कांवड़ और मुख पर भगवान शिव के जयघोष से पूरा मार्ग भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिली।

पदयात्रा की एक विशेष आकर्षण शिव की विभिन्न झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी रहीं। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे कलाकारों ने भगवान शिव और उनकी टोली का स्वरूप धारण कर आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और यात्रा के धार्मिक वातावरण को और अधिक जीवंत बना दिया।

भोरमदेव मार्ग पर जगह-जगह ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों और श्रद्धालुओं ने पदयात्रियों का स्वागत किया। शिवभक्तों के लिए पेयजल, चाय, नाश्ता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई। कई स्थानों पर सेवा शिविर लगाए गए, जहां स्वयंसेवक पदयात्रियों की सहायता में जुटे रहे। इससे यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।

बाबा भोरमदेव मंदिर छत्तीसगढ़ का प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है, जहां श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाली यह पदयात्रा क्षेत्र की धार्मिक परंपरा और जनआस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है। इस वर्ष भी हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने यात्रा को भव्य स्वरूप प्रदान किया।

श्रद्धालु पूरे मार्ग में भगवान शिव के भजन, जयघोष और भक्ति गीतों के साथ आगे बढ़ते हुए बाबा भोरमदेव मंदिर की ओर रवाना हुए। धार्मिक आस्था, सामाजिक सहभागिता और सेवा भाव का यह संगम श्रावण मास के प्रथम सोमवार को कवर्धा में विशेष रूप से देखने को मिला।