राष्ट्रकवि डॉ. मैथिलीशरण गुप्त की 140वीं जयंती पर रायपुर में श्रद्धांजलि, साहित्य साधना को किया नमन

रायपुर में राष्ट्रकवि डॉ. मैथिलीशरण गुप्त की 140वीं जयंती पर नगर निगम संस्कृति विभाग, जोन-3 और श्री गहोई वैश्य समाज के संयुक्त तत्वावधान में पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनप्रतिनिधियों, साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर हिंदी साहित्य और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया।

Aug 3, 2026 - 12:30
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राष्ट्रकवि डॉ. मैथिलीशरण गुप्त की 140वीं जयंती पर रायपुर में श्रद्धांजलि, साहित्य साधना को किया नमन

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में राष्ट्रकवि डॉ. मैथिलीशरण गुप्त की 140वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन-3 तथा श्री गहोई वैश्य समाज रायपुर के संयुक्त सहयोग से जलविहार कॉलोनी उद्यान परिसर स्थित डॉ. मैथिलीशरण गुप्त की प्रतिमा स्थल पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने राष्ट्रकवि को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके साहित्यिक और राष्ट्रीय योगदान को स्मरण किया।

कार्यक्रम में संस्कृति विभाग के अध्यक्ष अमर गिदवानी, जल विभाग के अध्यक्ष संतोष सीमा साहू, श्री गहोई वैश्य समाज रायपुर के अध्यक्ष अनिल गुप्ता कंगेले, सचिव विनोद सुहाने, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता, सहसचिव इंदेश सेठ, महिला समिति की अध्यक्ष मीरा सरावगी, सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश गुप्ता, नगर निगम जोन-3 के कार्यपालन अभियंता ईश्वर लाल टावरे सहित अनेक गणमान्य नागरिक, कवि, साहित्य प्रेमी, महिलाएं और आमजन उपस्थित रहे।

सभी उपस्थितजनों ने राष्ट्रकवि की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और हिंदी साहित्य को समृद्ध बनाने में उनके अमूल्य योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. मैथिलीशरण गुप्त ने अपनी रचनाओं के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को नई दिशा दी। उनकी कालजयी कृतियां आज भी समाज को प्रेरणा देने का कार्य कर रही हैं।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने युवाओं से राष्ट्रकवि के साहित्य का अध्ययन करने और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने में डॉ. मैथिलीशरण गुप्त का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनकी रचनाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।

पुष्पांजलि कार्यक्रम के दौरान साहित्य, संस्कृति और समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने राष्ट्रकवि के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी भाषा को प्रतिष्ठा दिलाने में उनका योगदान अतुलनीय है। उनकी रचनाओं ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में भी लोगों में देशभक्ति की भावना जागृत करने का महत्वपूर्ण कार्य किया था।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रकवि के प्रति सामूहिक श्रद्धांजलि और उनके आदर्शों के अनुरूप समाज में साहित्य, संस्कृति और नैतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ। आयोजन ने साहित्य प्रेमियों और नागरिकों को राष्ट्रकवि की विरासत को याद करने तथा नई पीढ़ी तक उनके विचारों को पहुंचाने का संदेश दिया।