गोपाल वर्मा ने दशरंगपुर स्कूल का किया निरीक्षण, नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर किया स्वागत
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने पूर्व माध्यमिक शाला दशरंगपुर का निरीक्षण कर नए शिक्षा सत्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया और शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l नए शिक्षा सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ ही जिले में शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर गोपाल वर्मा ने पूर्व माध्यमिक शाला दशरंगपुर का निरीक्षण कर विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय में प्रवेश लेने वाले नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने बच्चों को नई कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकें और गणवेश वितरित करते हुए नियमित रूप से विद्यालय आने तथा मन लगाकर अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय में उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई, पसंदीदा विषयों और भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि शिक्षा जीवन में सफलता प्राप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है और प्रत्येक विद्यार्थी को पूरी लगन और अनुशासन के साथ अध्ययन करना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान गोपाल वर्मा ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यार्थियों को विषयों की गहरी समझ विकसित कराने पर भी ध्यान दें। उन्होंने कहा कि पढ़ाई को सरल, रोचक और व्यावहारिक बनाने से बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ती है और वे विषयों को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि समय-समय पर पढ़ाए गए पाठों का पुनरावलोकन कराया जाना चाहिए ताकि विद्यार्थियों की विषयों पर पकड़ मजबूत हो सके। साथ ही बच्चों की शैक्षणिक प्रगति का नियमित मूल्यांकन भी आवश्यक है।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष बल देते हुए कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए। बच्चों में संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच विकसित करने के लिए विद्यालयों को सकारात्मक वातावरण तैयार करना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को मंच पर बोलने, प्रश्न पूछने और अपने विचार व्यक्त करने के अवसर लगातार दिए जाएं।
विद्यालय परिसर का निरीक्षण करते हुए उन्होंने स्वच्छता, सुरक्षा और बच्चों के अनुकूल वातावरण बनाए रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर शैक्षणिक माहौल विद्यार्थियों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी एफ.आर. वर्मा, सहायक संचालक एम.के. गुप्ता, विद्यालय के शिक्षक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।