अनूपपुर रेलवे स्टेशन के सामने नशे में धुत्त आरक्षक जमीन पर मिला, वर्दी की साख सवालों में
अनूपपुर रेलवे स्टेशन के सामने नशे में धुत्त एक आरक्षक जमीन पर पड़ा मिला। राहगीरों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। आईडी कार्ड से उसकी पोस्टिंग शिवपुरी जिले में होना सामने आया। स्थानीय लोगों की सूचना के बावजूद पुलिस देर तक नहीं पहुंची।
UNITED NEWS OF ASIA. श्याम तिवारी, अनूपपुर। जिले से गुरुवार को एक बेहद शर्मनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसने पुलिस वर्दी की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अनूपपुर रेलवे स्टेशन के सामने नशे में धुत्त एक आरक्षक सड़क किनारे जमीन पर पड़ा मिला। राहगीरों ने जब उसकी हालत देखी, तो पहले उसे संभालने का प्रयास किया, लेकिन वह इस कदर शराब के नशे में था कि न बोल पा रहा था, न खड़े हो पा रहा था। इसके बाद लोगों ने उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो तेजी से वायरल हो गया।
घटना स्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक, आरक्षक इतनी नशे की हालत में था कि अपनी पहचान बताने में भी असमर्थ था। जब राहगीरों ने उसके आईडी कार्ड को देखा तो पता चला कि उसका नाम अरविंद इक्का है, पिता का नाम स्वर्गीय सेबेस्तस इक्का, रैंक कांस्टेबल 68, 18वीं बटालियन एमपी एसएएफ शिवपुरी के अंतर्गत पदस्थ।
लोगों का कहना है कि वह संभवतः किसी कार्य से अनूपपुर आया होगा, लेकिन लौटते समय इस कदर शराब के नशे में धुत्त हो गया कि खुद को भी संभाल नहीं सका। स्थानीय लोगों ने उसकी हालत देखकर कहा कि ऐसी हरकतों से पुलिस वर्दी की प्रतिष्ठा धूमिल होती है और जनता का भरोसा कमजोर पड़ता है।
सूचना के अनुसार, घटना की जानकारी स्थानीय लोगों द्वारा अनूपपुर पुलिस को दी गई, लेकिन लगभग आधे घंटे तक कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया कि वह आरक्षक शिवपुरी से आया था या किसी अन्य विभागीय कार्य के लिए अनूपपुर क्षेत्र में ही तैनात था।
राहगीरों का कहना है कि यदि समय पर पुलिस पहुंच जाती, तो न केवल स्थिति स्पष्ट हो जाती बल्कि आरक्षक को सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा सकता था। पुलिस की देर से प्रतिक्रिया भी सवालों के घेरे में है।
वीडियो वायरल होने के बाद पूरे जिले में चर्चा है कि वर्दीधारी होने के बावजूद ऐसी लापरवाही अत्यंत आपत्तिजनक है। घटना ने पुलिस विभाग की छवि पर प्रतिकूल असर डाला है। अब देखना यह है कि संबंधित जिले का पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और नशे में मिले आरक्षक के खिलाफ क्या विभागीय कार्रवाई की जाती है।
यदि चाहें तो मैं इस खबर का टीवी पैकेज संस्करण, एंकर-रीड, बाइट प्लान भी बना दूँ।